होली से पहले दिल्ली एनसीआर से एक ऐसी खबर आई जिसको लेकर हर कोई हैरान है। यहां के छिजारसी से बच्ची के अपहरण के मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। खबर है कि इस घटना के आरोपी ने होली पर बलि चढ़ाने के लिए अपने साथी के साथ मिलकर बच्ची का अपहरण कर लिया। यह आरोपी शादी नहीं होने की वजह से देवताओं को खुश करने के लिए बच्ची की बलि देने जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, तांत्रिक की तलाश की जा रही है।


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आपको बता दें कि सेक्टर-63 थाना क्षेत्र के छिजारसी निवासी शत्रुघ्न कुमार ने पुलिस को सूचना दी थी कि रविवार को उनकी 7 वर्षीय भतीजी घर के बाहर खेल रही थी। इसी बीच अपहरण कर लिया था। परिजनों और पड़ोसियों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन बच्ची का सुराग नहीं लगा था। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी थी।

डीसीपी सेंट्रल हरीश चंदर के मुताबिक पुलिस पूछताछ में आरोपी सोनू वाल्मिकी ने खुलासा किया कि काफी समय से उसकी शादी नहीं हो रही थी। इस वजह से वह तनाव में रहता था। सोनू ने कहा कि उसका नजदीकी रिश्तेदार बागपत के खामपुर लोहारी निवासी सतेन्द्र उर्फ सोनू तांत्रिक है। सतेंद्र ने सोनू को बताया कि होली पर शुभ मुहुर्त है। देवताओं को खुश करने के लिए एक बच्चे की बलि देनी होगी। बलि देने के बाद जल्दी ही शादी हो जाएगी। 

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इसके बाद मुख्य आरोपी सोनू व उसके साथी नीटू ने 13 मार्च को छिजारसी कॉलोनी से 7 वर्षीय बच्ची का अपहरण किया था। ताकि होली पर उसकी बलि दे सके। आरोपी सोनू छिजारसी कॉलोनी में ही बच्ची के पड़ोस में रहता है।