दिल्ली का गाजीपुर बॉर्डर एक बार फिर सियासत के केंद्र में हैं वहां जबरदस्त हलचल है। विपक्षी नेताओं का एक दस्ता आज वहां पहुंचा। इसमें 8 राजनीतिक दलों के सांसद थे। इन सांसदों ने किसानों से मुलाकात की। उनकी मुश्किलें जानीं और लौटकर ये सांसद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को रिपोर्ट देंगे।

इस बीच गाजीपुर बॉर्डर पर आज भी सुरक्षा सख्त है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने कील-काटों की कतारें ढीली करनी शुरु कर दी है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इन्हें नए सिरे से लगाया जाएगा यानी अभी ये साफ नहीं कि गाजीपुर बॉर्डर से सुरक्षा कम की जाएगी या नहीं। हालांकि दिल्ली पुलिस के सूत्रों के कहना है कि कुछ जगहों पर कील की री-पोजिशनिंग की जा रही है।

दिल्ली पुलिस के के मुताबिक गाजीपुर से कील हटाया नहीं जा रहा बल्कि कुछ जगहों पर पब्लिक जो आने-जाने वाली है उसको परेशानी न जो इसलिए कील की री-पोजिशनिंग की जा रही है।

गौरतलब है कि 26 जनवरी की हिंसा के बाद संसद सत्र की शुरुआत से ही गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने ना सिर्फ मुख्य सड़कों पर बैरिकेडिंग और रास्तों को कंटीले तारों से रोका था बल्कि आसपास के जंगल वाले इलाके में कंटीले तार लगा दिए थे। ऐसा करने से सबसे ज्यादा परेशानी आम लोगों को हो रही है।

इस बीच एनसीपी नेता सुप्रिया सुले समेत विपक्ष के कई सांसद आज गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे हैं हालांकि उन्हें पुलिस ने रोक लिया है। बीते कुछ वक्त में लगातार विपक्षी नेताओं का गाजीपुर बॉर्डर पर जमावड़ा लगा है। यहां राकेश टिकैत की अगुवाई में किसानों का आंदोलन बीते 70 दिन से अधिक समय से चल रहा है।