डकार आना कोई समस्या नहीं बल्कि नॉर्मल चीज़ है। जिससे पेट की गैस आसानी से बाहर निकल जाती है। लेकिन बार-बार डकार आना थोड़ा प्रॉब्लमेटिक है। जिससे कई बार शर्मिंदगी का भी सामना करना पड़ता है। तो सबसे पहले जान लेते हैं कि डकार आने की वजहें क्या हैं फिर इसके समाधान के बारे में जानेंगे। खाना खाते और पानी पीते समय ज़रूरत से ज्यादा हवा का शरीर के अंदर जाना और दूसरी वजह है खाना ठीक से हज़म न होना। इन्हें आपको खाने के बाद या साथ लेना होगा और लगातार सेवन से आपको इसका असर भी देखने को मिलने लगेगा।

रेस्टोरेंट, होटल्स में खाने के बाद सर्व की जाने वाली सौंफ मुंह से बदबू की समस्या तो दूर करती ही है साथ ही इससे पेट की गैस भी दूर होती है। पेट फूलने, डाइजेशन में प्रॉब्लम और सीने में जलन जैसी कई समस्याएं इससे दूर होती हैं। तो खाना खाने के बाद 1/2 या 1 चम्मच सौंफ खाने की आदत डालें।

पुदीना

पुदीने की ताजी पत्तियां को चबा-चबाकर खाएं। इसमें एंटी स्पैज़्मॉडिक तत्व होता है जिससे पेट में कम गैस बनती है साथ ही इससे डाइजेशन भी सही रहता है।

दही

दरअस्ल, गट बैक्टीरिया के असंतुलन की वजह से पेट में गैस और डकारें जैसी समस्याएं होती हैं। जिन्हें प्रोबायोटिक फ़ूड से काफी हद तक संतुलित रखा जा सकता है। दही एक प्रोबायोटिक फूड है जो पेट को ठंडा, डाइजेशन को दुरुस्त रखता है जिससे डकार की समस्या दूर होती है।

इलायची

खाने के बाद इलायची के दाने अच्छी तरह चबाएं। इससे पेट में डाइजेस्टिव जूस तेजी से बनने लगता है, जिससे गैस बनने की संभावना कम हो जाती है और डकारें नहीं आती।

कैमोमाइल

कैमोमाइल टी को आराम से सिप करके पिएं। इससे भी गैस कम बनती है जिससे डकारें नहीं आती हैं।