केंद्र सरकार ने कोरोना टीकाकरण के लिए राज्यों से तैयारी करने के लिए कहा है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जिला स्तर पर समन्वय और निगरानी के लिए समितियां बनाने को कहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि टीकाकरण का अभियान कम से कम एक साल तक चल सकता है।

प्राथमिकता के आधार पर समूह बनाकर टीका लगाया जाएगा। सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों जैसे, डॉक्टर, नर्स, को टीके लगाए जाएंगे। टीके के लिए कोल्ड चेन से लेकर उसे सुदूर और जटिल इलाकों तक पहुंचाने के लिए जिला स्तर पर समन्वय समितियां बनाने की सलाह दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखा है। 

इसमें उन्होंने मुख्य सचिव के नेतृत्व में राज्य संचालन समिति (एसएससी), अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) के नेतृत्व में राज्य कार्य बल (एसटीएफ) और जिलाधिकारियों के नेतृत्व में जिला कार्य बल (टीडीएफ) गठित करने का सुझाव दिया है। पत्र में ये भी बताया गया है कि इन समितियों को क्या-क्या करना है। इसमें यह भी कहा गया है कि एसएससी महीने में कम से कम एक बैठक करेगी। इसी तरह एसटीएफ की हर 15 दिन में बैठक होगी और डीटीएफ की बैठक हर हफ्ते होगी।

टीकाकरण में जन भागीदारी बढ़ाने के लिए एसएससी सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगी। यह समिति ऐसी व्यवस्था भी बनाएगी, जिससे स्वास्थ्य संबंधी अन्य सेवाओं में कम से कम बाधा पहुंचे। एक ऐसा तंत्र भी विकसित करेगी, जिससे टीकाकरण को संभावित दुष्प्रचार को रोका जा सके।