केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोविड दौर में बजट पेश किया। यह पेपर लेस बजट है। यानी भारतीय इतिहास में पहली बार होगा कि बजट को प्रिंट नहीं किया जाएगा। अर्थव्यवस्था जब 7.7 फीसदी तक गिर चुकी है। ऐसे में इस बजट से बड़े सुधारों और राहतभरे कदमों की उम्मीद हैं। 

10  बड़े ऐलान

एलआईसी की हिस्सेदारी बेचेगी सरकार

एफसीआई को एनएसएसएफ लोन देना बंद

75 साल से ऊपर के लोगों के लिए आईटी रिटर्न जरूरी नहीं, पेंशन और ब्याज से होनी वाली आय पर छूट

कोविड वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़।

ऐच्छिक व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी का एलान. 20 साल पर्सनल वेहिकल, 15 साल कमर्शियल वेहिकल पुराने यानी अनफिट माने जाएंगे।

प्रवासी मजदूरों के लिए एक देश एक राशन योजना लांच होगी

दो सरकारी और एक बीमा कंपनी बेचेगी सरकार

मिशन पोषण 2.0 का करेंगे शुभारंभ

64180 करोड़ रुपये के बजट के साथ आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना

7400 प्रोजेक्ट के लिए इंफ्रापाइपलाइन

15 साल पुराने वाहन स्क्रैपिंग में जाएंगे, आएगी पॉलिसी

रेलवे की डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की संपत्ति बेचेगी सरकार, सार्वजनिक कंपनियों के एसेट भी बिकेंगे।

इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि तमिलनाडु में नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट (1.03 लाख करोड़), इसी में इकॉनोमिक कॉरिडोर बनाए जाएंगे। केरल में भी 65 हजार करोड़ रुपये के नेशनल हाइवे बनाए जाएंगे, मुंबई-कन्याकुमारी इकॉनोमिक कॉरोडिर का ऐलान किया है। 

पश्चिम बंगाल में भी कोलकाता-सिलीगुड़ी के लिए भी नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने असम में अगले 3 साल में हाइवे और इकॉनोमिक कॉरिडोर का भी ऐलान किया।