क्रिकेटर से राजनेता बने गौतम गंभीर (gautam gambhir) ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) को अपने बड़े भाई के रूप में संबोधित करने वाले पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू (navjot singh sidhu) पर निशाना साधते हुए कहा कि सिद्धू आतंकवादी राज्य पाकिस्तान के मुखिया को बड़े भाई बुलाने से पहले अपने बेटे या बेटी को सीमा पर भेज दें। सिद्धू गुरुपर्व पर पंजाब के कई कैबिनेट मंत्रियों के साथ श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारे (Sri Kartarpur Sahib Gurdwara) में मत्था टेकने के लिए करतारपुर में थे। उन्होंने पाकिस्तान में करतारपुर परियोजना के सीईओ के साथ बातचीत के दौरान कहा था, मुझे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से बहुत प्यार है। वह मेरे बड़े भाई जैसे हैं।

पूर्वी दिल्ली से भाजपा के लोकसभा सदस्य गंभीर (gautam gambhir) ने एक ट्वीट में कहा, अपने बेटे या बेटी को सीमा पर भेज दो और फिर एक आतंकवादी राज्य प्रमुख को अपना बड़ा भाई कहो! गंभीर ने कहा, क्या सिद्धू को याद है कि पाकिस्तानी आतंकवादियों ने पिछले एक महीने में कश्मीर में हमारे 40 से अधिक नागरिकों और जवानों को मार डाला। हम पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ 70 साल से लड़ रहे हैं। मुझे उस पर शर्म आती है। अपने परिवार, बेटों और बेटियों को सीमा पर भेजो, लड़ो और तब तुम पाकिस्तान के इरादों को समझोगे। एक आतंकवादी देश के प्रधानमंत्री को बड़ा भाई कहने से ज्यादा शर्मनाक क्या हो सकता है।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सी.टी. रवि (BJP national general secretary CT Ravi) ने ट्वीट किया, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (navjot singh sidhu) आतंकवाद के प्रधानमंत्री इमरान खान नियाजी को बड़ा भाई कहते हैं और वे कहते हैं कि कांग्रेस का मतलब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है! गद्दार कांग्रेस। इससे पहले, दिन में सिद्धू की टिप्पणी का एक वीडियो साझा करते हुए भाजपा आईटी सेल के राष्ट्रीय प्रमुख अमित मालवीय ने वरिष्ठ नेता अमरिंदर सिंह के बजाय पाकिस्तान से प्यार करने वाले सिद्धू का पक्ष लेने के लिए कांग्रेस आलाकमान की निंदा की। उन्होंने ट्वीट किया, राहुल गांधी के चहेते नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अपना बड़ा भाई कहते हैं। पिछली बार उन्होंने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल बाजवा को गले लगाया था, उनकी तारीफ की थी। क्या यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि गांधी भाई-बहन ने अनुभवी अमरिंदर सिंह को दरकिनार कर पाकिस्तान से प्यार करने वाले सिद्धू को चुना।