असम के सांसद व कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव गोगोई ने राफेल सौदे को लेकर भाजपा पर हल्ला बोला। शिलॅंग के कांग्रेस भवन में मंगलवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में गोगोई ने कहा कि पहले अदालत अब जनता दोनों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आधार बनाकर भाजपा पर न केवल हमला बोला, बल्कि पार्टी ने मोदी सरकार की प्रेसवार्ताओं को 'झूठ की फैक्ट्री' करार दिया और 11 सावाल भी दाग दिए।


उन्होंने कहा कि राफेल सौदे पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि एेसी कोई वजह नहीं है, जिसके लिए अदालत को हस्तक्षेप करना पडे़। गोगोई ने कहा कि मोदी सरकार ने इस मुद्दे पर पहले सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया और अब जनता को बरगला रही है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को गलत सूचना देकर सही फैसला नहीं करने दिया। उनकी सोच है कि, पीएसी को यह पूछना चाहिए कि अदालत को गलत सूचना क्यों दिए गए। यह एक गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


उन्होंने कहा कि पीएसी की कहीं कोई बैठक ही नहीं हुई, लेकिन कोर्ट के फैसले में लिखा गया है कि मामला पीएसी की टेबल से होकर गुजरा है। उन्होंने पूछा है कि कोर्ट को ये सब किसने बताया? सामान्य बात है कि मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ये सभी जवाब दिए हैं। कोर्ट को गुमराह करने का प्रयास किया गया। यह एक अपराध और रिलायंस कंपनी को  इस माध्यम से फायदा पहुंचाने का काम किया गया है।


किस आधार पर उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी को सौदे के लिए आॅफसेट पार्टनर के तौर पर चुना गया, जबकि उसके पास फाईटर जेट्स बनाने का कोई अनुभव नहीं है। गोगोई ने कहा कि उनकी पार्टी राफेल सौदे की जेपीसी से जांच की मांग कर रही है। मोदी सरकार की झूठ पकड़ में आ गई है।


आगामी लोकसभा चुनाव में जनता अपने मतों से इस  सरकार  को जवाब देगी। देश के तीन राज्यों, मध्यप्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने वापसी के संकेत दे दिए हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने दावा किया कि पूर्वोत्तर में सबसे अधिक काम उनकी पार्टी ने किया है। भाजपा ने केवल ढ़िंढोरा पीटा, लेकिन काम कुछ नहीं किया।