कलियाबोर से कांग्रेस उम्मीदवार गौरव गोगोई ने असम भाजपा के अध्यक्ष रंजीत दास और वित्त मंत्री हिमंता बिस्व सरमा के बारपेटा को पाकिस्तान बताने संबंधी बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उनसे माफी मांगने को कहा है। बारपेटा संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुल खालेक के लिए प्रचार करने पहुंचे गौरव गोगोई ने एक जनसभा में कहा कि भाजपा पूंजीपतियों की पार्टी है। गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि देश का कौन चौकीदार हर महीने अमरीका जाता है?

मौलाना बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ के बारे में गोगोई ने कहा कि एआईयूडीएफ कांग्रेस के लिए कोई फैक्टर नहीं है। एआईयूडीएफ के पास कलियाबोर संसदीय सीट पर उतारने के लिए कोई सही उम्मीदवार नहीं था इसलिए उन्होंने कोई प्रत्याशी खड़ा नहीं किया। असम कांग्रेस के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने भाजपा के साथ फिर से गठबंधन करने को लेकर असम गण परिषद को आड़े हाथ लिया। बोरा ने कहा कि असम गण परिषद सिर्फ सत्ता की भूखी है। पिछले साल नागरिकता(संशोधन)विधेयक के विरोध में असम गण परिषद ने भाजपा से गठबंधन तोड़ दिया था लेकिन सत्ता में बने रहने के लिए फिर से भाजपा से हाथ मिला लिया।

असम गण परिषद और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। अब्दुल खालेक ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि असम गण परिषद के अध्यक्ष अतुल बोरा और पार्टी के कई नेता राज्य के मूल नागरिकों को धोखा देते हुए जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे। कांग्रेस राज्य के लोगों के बेहतर भविष्य के लिए काम करने को लेकर प्रतिबद्ध है। हम किसी अन्य दल को राज्य के भविष्य को बर्बाद करने नहीं दे सकते। खालेक ने कहा कि असम के पूर्व मुख्यमंत्री और असम गण परिषद के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल कुमार महंत सिद्धांतवादी हैं। उन्होंने अभी तक प्रचार में हिस्सा नहीं लिया है। असम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया में भी रैली में मौजूद थे।

रैली का  आयोजन बारपेटा जिले की गल्र्स हाई स्कूल प्लेग्राउंड में हुआ। आपको बता दें कि असम में लोकसभा की कुल 14 सीटें हैं। पिछले चुनाव में भाजपा को 7 सीटें मिली थी जबकि कांग्रेस व एआईयूडीएफ के खाते में 3-3 सीटें आई थी। इस बार भाजपा 10 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। उसने चार सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी है। तीन सीटों पर असम गण परिषद व एक सीट पर बीपीएफ चुनाव लड़ रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में एआईयूडीएफ ने 6 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में वह सिर्फ 3 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। तीनों सीटें मुस्लिम बाहुल है।