कांग्रेस कार्यसमिति (Congress Working Committee) की बैठक के कुछ दिनों बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने मंगलवार को मांग की है कि ‘गांधियों को नेतृत्व की भूमिका से हटकर किसी और को पार्टी का नेतृत्व करने का मौका देना चाहिए।’ 2014 की चुनावी हार के बाद से कांग्रेस कुछ मौकों को छोड़कर लगातार चुनाव हार गई है। उन्होंने कहा, सीडब्ल्यूसी ने पार्टी नेतृत्व में विश्वास व्यक्त किया है, लेकिन सीडब्ल्यूसी (CWC) के बाहर के लोगों को लगता है कि अन्यथा कई ने पार्टी और नए नेताओं को छोड़ दिया है। किसी और को पार्टी का नेतृत्व करने का मौका दिया जाना चाहिए।

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सिब्बल पार्टी के भीतर सुधार लाने के लिए सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को लिखे गए पत्र के हस्ताक्षरकर्ताओं में से एक हैं, लेकिन रविवार को सीडब्ल्यूसी की बैठक में सूत्रों का कहना है कि गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा ने नेतृत्व परिवर्तन का मुद्दा नहीं उठाया। रविवार को सीडब्ल्यूसी में सोनिया गांधी ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi ) और प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) के साथ नेतृत्व से हटने की पेशकश की थी, लेकिन सीडब्ल्यूसी ने इसे ठुकरा दिया था।कांग्रेस कार्यसमिति ने रविवार को विधानसभा चुनाव के नतीजों पर चर्चा के लिए अपनी मैराथन बैठक के बाद अंतरिम पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी पर भरोसा जताया। उन्हें ‘आवश्यक और व्यापक’ संगठनात्मक परिवर्तन करने के लिए भी अधिकृत किया गया था।

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सीडब्ल्यूसी (CWC) ने सर्वसम्मति से सोनिया गांधी के नेतृत्व में अपने विश्वास की पुष्टि की और कांग्रेस अध्यक्ष से आगे बढक़र नेतृत्व करने, संगठनात्मक कमजोरियों को दूर करने, राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक और व्यापक संगठनात्मक परिवर्तनों को प्रभावित करने का अनुरोध किया।