डेंगू-मलेरिया ने इन दिनों यूपी में कहर बरपाया हुआ है। इन दोनों ही बीमारियों के कारण हजारों लोग मौत के मुंह में जाने वाले हैं। लेकिन अब डेंगू और मलेरिया से बचने का एक ऐसा उपाय मिला है जो काफी कारगर साबित हो रहा है। यह उपाय गंबूसिया प्रजाति की एक मछली है जो मच्छरों के लार्वा को चट कर जाती है और मच्छरों को पनपने नहीं देती।

यूपी के बदायूं के मछली पालक जिया-उल-इस्लाम गंबूसिया प्रजाति की मछली का बड़े स्तर उत्पादन करते हैं। इस मछली की खास बात ये है कि ये पानी में मौजूद मच्छरों के लार्वा को चट कर जाती है। जिससे मच्छर जनित रोगों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

PHd के छात्र जिया-उल-इस्लाम का कहना है कि 6 साल पहले उनके पिता ने शौकिया तौर पर गांव में ही तालाब किराए पर लेकर मछली पालन का व्यवसाय शुरू किया था। समय के साथ वे भी अपने पिता के के कामों में हाथ बंटाने लगे। इस समय उनके पास 35 तालाब हैं, जिसमें वे विभिन्न किस्म की मछलियों का उत्पादन कर रहे हैं।

जिया अपने तालाब के लिए मछलियों के बीज को बंगाल से मंगाते हैं। एक बार गलती से उन्ही बीजों के बीच गंबूसिया भी आ गई। मछलियों में रुचि होने के कारण उन्होंने इसके बारे में जानकारी जुटाना शुरू किया। इस दौरान उन्हें पता चला कि इस मछली को वेस्टर्न मॉसक्वीटो फिश के नाम से भी जाना जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक कि गंबूसिया जिस भी तालाब या पोखर में रहती है, तो वहां मौजूद मच्छरों के लार्वा का उपयोग अपने भोजन के तौर पर करती है। ऐसे में अब इस मछली की डिमांड काफी बढ़ गई है।