कोरोना के दूसरे स्ट्रेन की रफ्तार ओर ब्रेक लगाने के लिए राज्य सरकार ने लॉकडाउन जारी किया है। जिसमे बाजार-हाट के खुलने का समय सुबह तीन घटा निर्धारित किया गया है। लेकिन सुबह 7-10 में उत्तर बंगाल की सबसे बड़ी गल्ला मंडी नया बाजार के व्यापारियों के काम नहीं चल रहा है। लॉकडाउन में गल्ला मंडी के लिए समय बढ़ाने की माग पर नार्थ बंगाल मर्चेन्ट एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है।

कोरोना के मद्देनजर राज्य सरकार ने 30 मई तक आशिक लॉकडाउन जारी है। जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक बाजार-हाट सुबह 7-10 बजे तक खुले रह सकते हैं। लेकिन सिलीगुड़ी के आठ नंबर वार्ड स्थित खालपाड़ा में बसा नया बाजार उत्तर बंगाल की सबसे बड़ी गल्ला मंडी है। सिलीगुड़ी व आस-पास समेत पूरे उत्तर बंगाल और सिक्किम को गल्ला सामान की आपूर्ति की जाती है। देश के विभिन्न हिस्सों से गल्ला माल लेकर ट्रक यहा पहुंचती है। वहीं माल ले जाने के लिए भी उत्तर बंगाल व सिक्किम की ट्रकें यहा माल लोड करती है। यहां के व्यापारियों की माने अनलोडिंग और लोडिंग में काफी समय लगता है। लेकिन जारी लॉक डाउन में सुबह 7-10 के बीच व्यापार करने के साथ अनलोडिंग और लोडिंग करना संभव नहीं। नार्थ बागाल मर्चेंट एसोशिएसन के महासचिव आयुष टिबरेवाल ने समय मे वृद्धि की माग कर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा है। 

दूसरी ओर,लॉकडाउन के इस समय नया बाजार की दुकानें सुबह 10 बजे बंद तो हो जाती हैं, लेकिन लोडिंग और अनलोडिंग का काम जारी रहता है। लोडिंग और अनलोडिंग के काम मजदूर ही करते हैं। स्थानीय युवा तृणमूल नेता मनीष बारी ने यह आरोप लगाते हुए बताया कि सुबह 7-10 के बीच भी नया बाजार में शारीरिक दूरी की धज्जिया उड़ाई जाती है। बल्कि लोडिंग-अनलोडिंग का काम दिन भर जारी रहने से मजदूर और ट्रक चालक-खलासी का जमावड़ा बाजार के लगा ही रहता है। वहीं ट्रक और पिकअप वैन के लगे रहने से जाम और भीड़-भाड़ की स्थिति बनी रहती है।