मॉस्को। जी-7 के नेताओं ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) से यूक्रेन में संघर्ष विराम पर सहमति जताने और रूसी सेना को वापस बुलाने का आह्वान किया है। जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। 

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जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, 'रूस ने यूक्रेन पर हमला करके हमारे युद्ध के बाद की संरचना के मौलिक मूल्यों का उल्लंघन किया। हम रूसी राष्ट्रपति से युद्धविराम पर सहमत होने और नागरिकों की निकासी के लिए मानवीय गलियारे बनाने का आह्वान करते हैं। रूसी सैनिकों को यूक्रेन से वापस बुलाया जाना चाहिए।' 

स्कोल्ज ने कहा कि पश्चिमी देशों को यूक्रेन को 'रक्षात्मक हथियारों' की आपूर्ति करने रहने की आवश्यकता है। स्कोल्ज ने कहा, 'इसके अलावा, हम एक अग्रणी विकसित देश के रूप में अपनी पूरी शक्ति का उपयोग रूस को राजनयिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित करने के लिए करेंगे। जी7 के सभी भागीदारों ने व्यापक प्रतिबंध लगाए हैं। हमने आज प्रतिबंध उपायों को सावधानीपूर्वक लागू करने के लिए खुद को प्रतिबद्ध किया है। प्रतिबंध काम कर रहे हैं और कम समय में इसका प्रभाव होगा। हम भी एकजुट हैं कि यदि आवश्यक हो तो हम अतिरिक्त प्रतिबंधों लगाएंगे।'

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रूबल में गैस का भुगतान करने की मास्को की मांग के बारे में चांसलर ने कहा कि मौजूदा अनुबंध यूरो या डॉलर में भुगतान करने पर प्रतिबद्ध करते हैं।