बिहार में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्य विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद ङ्क्षसह के पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने से राजद में घमासान के संकेत हैं। राजद में नंबर दो की हैसियत रखने वाले वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को तीन दिन पूर्व एक पत्र लिखकर पार्टी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।


पत्र की प्रति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव और राजद विधानमंडल दल की नेता राबड़ी देवी को भी भेजा है। सिंह ने पत्र में लिखा है कि बिहार में विधानसभा का चुनाव होने में अब 300 दिन का समय बचा है लेकिन पार्टी की बूथ स्तरीय, पंचायत, प्रखंड, जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय कार्यसमिति का भी गठन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि संगठन के बिना संघर्ष और संघर्ष के बिना संगठन मजबूत नहीं हुआ करता है।


राजद नेता ने कहा कि देश और प्रदेश की जो परिस्थिति है उससे स्पष्ट है कि सिवाय संघर्ष के दूसरा रास्ता है ही नहीं। पार्टी का संकल्प है कि वर्ष 2020 राजद के लिए संघर्ष का साल होने वाला है। राजद के समक्ष चुनौतियां जबरदस्त हैं। सिंह ने पत्र में लिखा है कि राजद के समक्ष चुनौतियां होने के बावजूद इन सब को लेकर पार्टी में विमर्श नहीं हो रहा है।



कृपा कर पार्टी के अंदर विमर्श कर इसका कार्यान्वयन कराया जाए। साथ ही उन्होंने कहा है कि बगैर देर किए प्रत्येक स्तर पर समितियों और वर्ग संगठन का गठन हो जाए ताकि बैठक और विमर्श होता रहे। राजद नेता ने सवालिया लहजे में कहा कि प्रत्येक दिन सत्तारूढ़ दल प्रेस को गालियां देते हैं तो फिर प्रत्येक दिन इसके काट के लिए प्रेस ब्रीङ्क्षफग क्यों नहीं होती जबकि यह सब होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विमर्श के बाद संघर्ष का कार्यक्रम तुरंत लागू किया जाए।