इंसान ही नहीं बल्कि पशु-पक्षी और कीड़े-मकोड़ों की भी दुनिया भी कुछ अजीब होती है। एक खास तरह के कीड़े 17 साल बाद जमीन के नीचे से बाहर निकल रहे हैं। सिकाडा नाम के ये कीड़े धीरे-धीरे अमेरिका के 15 राज्यों में उभर रहे हैं। सिकाडा इससे पहले साल 2004 में  बाहर आए थे और कहा जा रहा है कि अब 2038 तक नजर नहीं आएंगे।

वैज्ञानिकों के अनुसार सिकाडा कीट मासोस्पोरा नाम के एक फंगस से संक्रमित हो रहे हैं। इस फंगस में कैथिनन कंपाउंड होता है जिसकी वजह से इन कीटों का खुद पर नियंत्रण नहीं रहता। संक्रमित होने के बाद इनकी खाल उतरने लगती है। सिकाडा कीट मादा सिकाडा के साथ 4-6 हफ्ते तक सेक्स करते हैं और मादा अंडे देती है। इसके बाद ये सभी मर जाते हैं।

जमीन के नीचे से बाहर आने के बाद कुछ सिकाडा जंगली हो जाते हैं। मासोस्पोरा फंगस से इनका पूरा शरीर संक्रमित हो जाता है। ये फंगस ना सिर्फ इनका पेट बल्कि इनके जननांग भी खराब कर देता है। इस फंगस की चपेट में आने के बाद सिकाडा कीट यौन रूप से बहुत ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं।

अमेरिका के वेस्ट वर्जीनिया यूनिवर्सिटी में फॉरेस्ट पैथोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर मैट कैसन मासोस्पोरा पर 5 साल से स्टडी कर रहे हैं। प्रोफेसर कैसन का कहना है, 'ये कल्पना से भी ज्यादा अजीब है। ये फंगस कुछ अजीबोगरीब कर रहा है। इससे संक्रमित होने के बाद सिकाडा कीट की यौन इच्छा तेजी से बढ़ रही है।'

कैसन का कहना है कि सिकाडा कीट जमीन से बाहर निकलते ही ये फंगस उनको संक्रमित कर देता है। इसकी वजह से बाहर आते ही इनकी स्किन उतरनी शुरू हो जाती है। फंगस इनके शरीर में चिपक कर बढ़ने लगता है।

कैसन ने अमेरिका के नेशनल पब्लिक रेडियो को दिए एक इंटरव्यू में बताया, 'ये फंगस सिकाडा की पीठ पर चॉक या फिर रबड़ की तरह लगता है। इन कीड़ों को पता नहीं चलता कि उनके साथ क्या हो रहा है। ये फंगस उनके पंखों को खींचता है और उनकी यौन इच्छा बढ़ाता है।

संक्रमित सिकाडा अपने साथी के साथ यौन संबंध बनाते हैं और उन्हें भी संक्रमित कर देते हैं। कैसन ने कहा, 'ये फंगस यौन संचारित है। हालांकि यौन अंग खराब हो जाने से सिकाडा का यौन प्रयास असफल रहता है।'

ये फंगस विभिन्न प्रकार के सिकाडों में अलग-अलग तरीके से प्रतिक्रिया देता है। कई सालों में जमीन से बाहर आने वाले सिकाडो इस फंगस से संपर्क में आने के बाद सेक्स को लेकर उतावले हो जाते हैं। वहीं, हर साल बाहर आने वाले सिकाडो की फंगस से संक्रमित होने के बाद यौन इच्छा बढ़ जाती है।

कैसन का अनुमान है कि मासोस्पोरा फंगस शायद 5% से कम सिकाडा को ही संक्रमित करता है और शायद इससे इन कीड़ों को दर्द भी नहीं होता है। परंपरागत रूप से दिखने वाले सिकाडा दिखने में 2 इंच तक लंबे होते हैं, दिखने में काले होते हैं, इनकी पंख नारंगी होती है, लाल आंखें और छह पैर होते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि सिकाडा कीट से कोई खतरा नहीं है क्योंकि ना तो ये इंसानों को ढूंढते हैं और ना ही उन्हें काटते हैं।