राजधानी दिल्ली में बढ़ते कोरोना मामलों के चलते लगभग डेढ़ महीने पहले दिल्ली के श्मशान घाटों में रात में अंतिम संस्कार करना शुरू किया गया था। जिसके बाद अब दिल्ली सिविक एजेंसी ने श्मशान घाटों को इसके लिए मना कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि अब कोरोना से मौत के मामलों में गिरावट आ रही है, जिसके बाद रात में अंतिम संस्कार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

श्मशान घाटों का प्रबंधन करने वाले अधिकारियों ने कहा कि कोरोना मरने वालों की संख्या कम हो गई है, जिसके कारण अब मुर्दाघर में जगह है। अब ज्यादा शव रखने में सक्षम हैं और अब रात में शवों का अंतिम संस्कार करने की की आवश्यकता नहीं है। अप्रैल और मई में, जैसे-जैसे कोविड -19 शवों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई और मुर्दाघरों में कोई जगह नहीं थी, शवों को तुरंत अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया जाता था।

श्मशान घाट प्रबंधन ने कहा कि जैसे ही कोरोना मरीज को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया जाता था, उसके तुरंत बाद श्मशान घाट भेजा जाता था। जिस वजह से यहां भीड़ हो जाती थी। वहीं सराय काले खां, गाजीपुर और शास्त्री पार्क श्मशान घाट प्रबंधन ने भी पुष्टि की कि उन्होंने लगभग 3-4 दिन पहले रात में अंतिम संस्कार बंद कर दिया था। वहीं दिल्ली में लगातार कोरोना मामलों में गिरावट देखी जा रही है। इस बीच दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 316 नए मामले सामने आए हैं और 41 मरीजों की मौत हुई है।

वहीं, कोविड-19 से 521 मरीज ठीक हुए हैं। इस समय राष्ट्रीय राजधानी में पॉजिटिविटी रेट गिरकर 0.44 फीसदी पर पहुंच गया है और अबतक कोरोना से 24,668 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 14,29,791 मरीज संक्रमित हो चुके हैं, जिसमें से 14,00,161 लोग ठीक हो चुके हैं। दिल्ली में अब कोरोना के एक्टिव मामले 5 हजार से भी कम 4,962 है। 24 मार्च के बाद पहली बार 5000 से कम एक्टिव मामले हुए हैं और एक्टिव रेट 0.34 फीसदी है।