दिल्ली के जंतर मंतर पर रविवार को गोरखालैंड संयुक्त संघर्ष समिति यानी जीएसएस की टीम ने गोरखालैंड आंदोलन के लिए अब तक शहीद हुए 11 लोगों की शव यात्रा का आयोजन किया। 

इसके साथ ही पश्चिम बंगाल की अत्याचारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दार्जिलिंग के सांसद सुरिंदर सिंह अहलूवालिया का भी शव अर्थी पर रखकर शव यात्रा निकाली गई। 

इस विरोध कार्यक्रम में बहुत सारे गोरखालैंड प्रेमी एक साथ जंतर मंतर में इकट्ठा हुए इसीलिए इतनी बड़ी भीड़ की तादाद के कारण पुलिस को बैरिकेड लगाकर स्थिति को नियंत्रण करना पड़ा। 

गोरखा फाउंडेशन के सघन मोक्तान ने जानकारी देते हुए बताया कि लगातार लोकतंत्र का गला घोट रहे पश्चिम बंगाल की सीएम ममता के प्रति गोर्खाली जनता बहुत ही क्रोधित है। 

उनकी पुलिस लगातार गोरखालैंड आंदोलन कार्यों पर दमन पूर्ण विधि के तहत अत्याचार कर रही है। दार्जिलिंग के पर्वतीय क्षेत्र में मानवाधिकार का जमकर उल्लंघन किया जा रहा है। इसके साथ ही दार्जिलिंग के सांसद होने के नाते एसएस अहलूवालिया की निष्क्रियता के कारण रविवार को उनका शव अर्थी पर रखकर अंतिम यात्रा निकाली जा रही है, साथ ही गोरखालैंड आंदोलन के लिए शहीद हुए उन 11 अमर शहीद जिन्होंने गोरखालैंड आंदोलन के लिए अपनी जान दी है, उनको भी रविवार को श्रद्धांजलि देते हुए याद किया गया।