फ्रांस के सैनिक खरगोशों के खिलाफ बरसों से लड़ी जा रही एक लड़ाई हार गए हैं। चौंकना लाजिमी है लेकिन बेजुबान खरगोशों ने अदालत में सैनिकों को मात दे दी। अदालत का फैसला खरगोशों के पक्ष में आया है। साथ ही जज ने हिदायत दी है कि इन छोटे-छोटे जीवों के साथ सैन्यकर्मी शांति से रहें। 

जानकारी के अनुसार पेरिस में पुरामहत्व का एक स्थान है जहां सेना संग्रहालय और नेपोलियन का मकबरा है। वहां सैनिक सक्रिय रूप से काम करते हैं। यहां हर साल ये सैनिक लगभग 40 खरगोशों को मौत के घाट उतार देते थे। चूंकि ये खरगोश सैनिकों की मेहनत पर पानी फेरते हुए लॉन खोद देते और पाइप में छेद कर देते। इसी से नाराज होकर सैनिक यह कदम उठाते। हालांकि सैनिकों की इस क्रूरता का विरोध होता रहा है।

उधर, सैनिकों का कहना था कि संग्रहालय में मौजूद बड़ी संख्या में खरगोश सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे। इसी कारण उनका खात्मा किया जा रहा था। लेकिन जब इस मामले की जांच की गई तो कई बातें सामने आईं। इसमें सैनिकों की ओर से खरगोशों पर लगाया आरोप झूठा निकला। वहां के पशु अधिकारी ने इन शिकायतों को झूठा करार दिया। पेरिस के न्यायलय में जब यह मुद्दा उठा तो खरगोशों को इसमें जीत हासिल हुई।

जानकारी के अनुसार एक न्यायाधीश ने खरगोशों की इन हत्याओं को रोकने का आदेश जारी किया था, तब से ही खरगोशों को राहत मिली हुई है। इस विषय पर गंभीरता व्यक्त करते हुए एवं बेजुबानों पर हो रहे अत्याचार के विरोध में पेरिस के पशु अधिकार समूह जूपोलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि खरगोशों की ओर से किए जा रहे नुकसान के दावे निराधार थे। उन्होंने कहा हम सिर्फ इतना कह रहे हैं कि सैनिक खरगोशों के साथ शांति पूर्वक रहें।