असम NRC की फाइनल लिस्ट में आ रही ग​ड़बड़ियां रूकने का नाम नहीं ले रही है। इस लिस्ट में एक ओर जहां सरकारी कर्मचारियों—अधिकारियों और सेना तथा वायुसेना में काम कर चुके लोगों तक के नाम गायब मिल रहे हैं, वहीं पूर्व स्वतंत्रता सेनानी तक भी अछूते नहीं रह रहे। खबर है कि इस लिस्ट से एक पूर्व स्वतंत्रता सेनानी के पूरे परिवार का ही नाम गायब है। यह वाकया सचिंद्र नाथ भट्टाचारजी नाम के पूर्व स्वतंत्रता सेनानी के साथ हुआ है। इस व्यक्ति का दावा है कि उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया था, लेकिन अब उनके साथ ऐसा हुआ है जो वो सोच भी नहीं सकते थे।

भट्टाचारजी ने 1972 में यहां पर कोलोनाजर्स के खिलाफ 1972 में चलाए गए फ्रीडम मूमेंट में भाग लिया था। इसके ​लिए उनको तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ताम्ब्र पत्र से पुरस्कृत किया था। उनके पुत्र समीर का कहना है कि मेरे पिताजी ने ब्रिटिशर्स के खिलाफ देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया था लेकिन अब हमारा नाम एनआरसी लिस्ट से ही गायब कर दिया गया है। हमने हमारे सभी दस्तावेज फोरेनर्स ट्रिब्यूनल्स में जमा भी कराए थे, लेकिन हमारे साथ हुआ है जिसके बारे में हमने सोचा भी नहीं था।

भट्टाचारजी के परिवार में उनक पुत्र समीर, उसकी पत्नी तथा उनकी दो लड़कियां हैं जिनका नाम एनआरसी लिस्ट में नहीं आया। ये सभी लोग असम के गोलाघाट जिले के सारूपथार कस्बे के रहने वाले हैं। समीर ने यह भी कहा कि उनके पिता ने 1971 में कालीबाड़ी हाईस्कूल से मेट्रीकूलेशन की परीक्षा पास की थी जिसके बाद उन्होंने अपना जीवन देश सेवा में लगा दिया।

आपको बता दें कि 31 अगस्त को जारी हुई असम एनआरसी की फाइनल लिस्ट से 19,06,657 लोगों के नाम बाहर किए गए हैं।