पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन धोखाधड़ी (online fraud) बढ़ रही है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में पिछले साल साइबर अपराध (Cyber crime) के 50,035 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में इस तरह के अपराधों में 11.8 फीसदी की बढ़ोतरी है। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन बढ़ने के साथ जालसाज धोखाधड़ी के नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। फ्रॉडस्टर्स केवाईसी, सिम स्वैप और यूपीआई फ्रॉड के जरिए लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।

जालसाजों से बचने के लिए बैंक और वित्तीय संस्थाएं भी अपने ग्राहकों को समय-समय पर चेतावनी देते रहते हैं। ताकि वे समय रहते सचेत हो जाएं और अपनी गाढ़ी कमाई को लुटने से बचा सकें। आइए जानतें है कुछ ऐसे धोखाधड़ी के बारे में जिनसे बचने के लिए आप क्या कर सकते हैं।

KYC मानदंडों को महामारी के बीच आसान कर दिया गया है ताकि ग्राहकों को केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए बैंक शाखा का दौरा न करना पड़े। हालांकि, कुछ स्कैमर्स इसका फायदा उठाकर लोगों को ठग रहे हैं। आरबीआई ने एक विज्ञप्ति में कहा कि उसे ग्राहकों के केवाईसी अपडेशन के नाम पर धोखाधड़ी का शिकार होने की शिकायतें / रिपोर्ट मिल रही हैं।

RBI ने कहा कि ऐसे मामलों में कॉल, एसएमएस या ईमेल के जरिए सामान्य तौर-तरीकों में ग्राहक द्वारा कुछ पर्सनल डिटेल्स, अकाउंट/ लॉगिन डिटेल / कार्ड की जानकारी, पिन, ओटीपी, आदि साझा करने का आग्रह किया जाता है या दिए गए लिंक का उपयोग करके केवाईसी अपडेशन के लिए कुछ अनधिकृत / असत्यापित एप्लिकेशन इंस्टॉल करने को कहा जाता है।

इस तरह के मैसेज में अकाउंट फ्रीज, ब्लॉक या बंद करने की धमकी दी जाती है। एक बार जब ग्राहक कॉल/मैसेज/अनधिकृत आवेदन पर जानकारी साझा करता है, तो धोखेबाज उसके खाते तक पहुंच जाते हैं।

सबसे पहले आपको यह याद रखना होगा कि केवाईसी अपडेट किसी तीसरे पक्ष के ऐप के माध्यम से कभी नहीं होगा। अगर आपको ऐसी कोई कॉल या टेक्स्ट प्राप्त होता है, तो बैंक या कार्ड जारीकर्ता से संपर्क करें। एसएमएस में नंबर पर नहीं, बल्कि आपके कार्ड के पीछे या आपके बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर कॉन्टैक्ट करें।

Google पर कस्टमर केयर नंबर सर्च न करें क्योंकि ये कभी-कभी फ्रॉड नंबर भी होते हैं। RBI ने कहा, लोगों को चेतावनी दी जाती है कि वे खाता लॉगिन डिटेल, पर्सनल डिटे, केवाईसी दस्तावेजों की प्रतियां, कार्ड की जानकारी, पिन, पासवर्ड, ओटीपी आदि को अज्ञात व्यक्तियों या एजेंसियों के साथ साझा न करें।

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) देश भर में भुगतान का एक लोकप्रिय माध्यम बन गया है। UPI से आप यूजर को पैसे कलेक्ट करने के लिए रिक्वेस्ट भेज सकते हैं। इस फीचर का इस्तेमाल धोखेबाज लोगों को ठगने और अनजाने में पैसे ट्रांसफर करने के लिए कर रहे हैं।

जालसाल फिशिंग, वेरिफाइड लिंक्स, विशिंग और रिमोट स्क्रीन मॉनिटरिंग के जरिए लोगों को चूना लगा रहे हैं। यूपीआई फ्रॉड से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप किसी अनजान शख्स से चैटिंग न करें, किसी के साथ ओटीपी साझा न करें, बिना सोचे-समझे किसी लिंक पर क्लिक न करें और अपने मोबाइल में बिना काम का कोई ऐप डाउनलोड न करें। इसके अलावा, केवल आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर ही कॉन्टैक्ट करें।