फ्रांसीसी शिक्षक सैमुअल पैटी की हत्या करने वाले संदिग्ध कट्टरपंथी ने शिक्षक की पहचान में मदद के लिए कुछ छात्रों को पैसे दिए थे। फ्रांस के आतंक अभियोजक जीन फ्रेंको रिचर्ड ने यह सनसनीखेज खुलासा प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। कक्षा में धार्मिक कैरीकेचर दिखाने वाले इतिहास के शिक्षक पैटी की पिछले सप्ताह पेरिस के पास सिर काटकर हत्या कर दी गई थी। 

रिचर्ड के अनुसार दो किशोर उन सात लोगों में शामिल हैं जो जांच मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश हुए। जीन फ्रेंको रिचर्ड के हवाले से मीडिया रिपोट्र्स में बताया गया कि जांच में पता चला कि आरोपी शिक्षक का नाम, स्कूल का नाम और उसका पता जानता था। इसके बावजूद वह शिक्षक को नहीं पहचानता था। यह सिर्फ उसी स्कूल के छात्रों की मदद से संभव था। लिहाजा पैटी की पहचान करने के लिए उसने स्कूली छात्रों को 300-350 यूरो दिए थे। अधिकारियों ने आरोपी की पहचान अब्दोलाख अंजोरोव (18) के रूप में की है।

जानकारी के अनुसार फ्रांस सरकार ने शेख यासीन इस्लामी एसोसिएशन को भंग करने का आदेश दिया है। एसोसिएशन का संस्थापक अब्देलहाकिम सैफरियोई फ्रांसीसी शिक्षक की हत्या के मामले में संदिग्ध के तौर पर हिरासत में है। उधर, फ्रांस के बोर्डिआक्स और बेजियर्स शहरों की मस्जिदों में हिंसा की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। गृह मंत्री गेराल्ड डर्मानिन ने इस बारे में ट्वीट किया कि इस तरह के हिंसक कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बताया जा रहा है कि फ्रांस के शहर बेजियर्स में लोगों ने पुलिस से शिकायत की है कि उन्हें सोशल मीडिया पर अर-रहमा मस्जिद में आग लगाने की धमकी मिली है। यह धमकी शिक्षक हत्याकांड के बाद मिली है। उधर, प्रधानमंत्री जीन कैस्टेक्स ने संसद में कहा कि फ्रांस के भविष्य को खतरे में डालने वालों से निपटने के लिए कड़े कानून की जरूरत है।