रूस को यूक्रेन के साथ युद्ध करना भारी पड़ रहा है क्योंकि अब उसने कई सैनिक और खास अफसरों को खो दिया है। इसी के तहत रूस के लिए यूक्रेन पर नियंत्रण करना मुश्किल रहा है। इस पूरे युद्ध में यूक्रेन का तो नुकसान हो ही रहा है। इसके साथ ही रूस को भी बेहद नुकसान पहुंचा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने बताया है कि लड़ाई में अब तक 4 रूसी जनरल मारे गए हैं।

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बताया गया है कि यूक्रेन में करीब 20 जनरल रूसी ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे हैं। इसका मतलब यह है कि अगर पांचो जनरल की मौत की पुष्टि हो जाती है तो रूस के जनरलों का पांचवां हिस्सा कार्रवाई में मारा जा चुका है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल से बात करते हुए राष्ट्रपति जेलेंस्की के इनर सर्कल के एक अधिकारी ने बताया है कि यूक्रेन के पास एक सैन्य खुफिया टीम है जो रूस के अधिकारी वर्ग को लक्षित करने के लिए समर्पित है। ये टीम हाई प्रोफाइल जनरल, पायलट, आर्टिलरी कमांडरों को निशाना बनाते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक मारे गए चार रूसी जनरल के बारे में जानिए।

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मेजर जनरल ओलेग मितयेव की कथित तौर पर दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन के शहर मारियुपोल शहर के पास मौत हो गई है। यूक्रेनी आजोव बटालियन ने मितयेव को मारने का दावा किया है। वह रूसी सेना की 150वीं मोटर चालित राइफल डिवीजन के कमांडर थे जिसका गठन 2016 में हुआ था। यह बटालियन यूक्रेनी सीमा के करीब रोस्तोव क्षेत्र में स्थित थी।

यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक रूस की 41वीं संयुक्त सेना के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल विटाली गेरासिमोव 7 मार्च को पूर्वी शहर खारकीव के बाहर मारे गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक गेरासिमोव दूसरे चेचन युद्ध, सीरिया में रूसी सैन्य अभियान और 2014 में क्रीमिया के रूसी कब्जे में शामिल रहे थे।

यूक्रेनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रूसी 29वीं संयुक्त सेना के मेजर जनरल आंद्रेई कोलेनिकोव 11 मार्च को लड़ाई में मारे गए थे।

डिप्टी कमांडर मेजर जनरल एंड्री सुखोवत्स्की को कथित तौर पर 3 मार्च को एक स्नाइपर द्वारा मार दिया गया था। गेरासिमोव की तरह सुखोवत्स्की भी क्रीमिया और सीरिया में रूस के सैन्य अभियानों का हिस्सा रहे थे।