कानपुर से गिरफ्तार हिजबुल मुजाहिद्दीन का संदिग्ध आतंकी कमर उज जमां उर्फ डाॅ हुरैरा के चार आैर मददगारों को सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया है। कमर उज जमां के साथ अभी तक कुल आठ लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

सोमवार को असम पुलिस ने नगांव जिले से रियाजुद्दीन उर्फ रियाज तथा होजाई जिले से बहिरुल इस्लाम व जैनुल अहमद को अरेस्ट किया है। इसके अलावा डॉ हुरैरा के भाई शफीकुल इस्लाम को भी असम पुलिस ने दबोच कर अदालत में पेश किया गया जहां से उसे दस दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया गया। अब असम पुलिस और एनआईए के अलावा यूपी एटीएस भी इन सब से पूछताछ करेगी।


उल्लेखनीय है कि डॉ हुरैरा को एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद लगातार उसके  साथियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। एटीएस के अधिकारी उससे लगातार पूछताछ कर बाकी साथियों के नाम उगलवा रहे हैं। एटीएस जम्मू-काश्मीर पुलिस के संपर्क में भी है और हुरैरा से मिली जानकारियों को साझा कर रही है। वहीं दूसरी ओर कश्मीर में सक्रिय हिजबुल नेटवर्क का असम तक विस्तार होने के प्रमाण मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सकते में आ गयी हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि हिजबुल नार्थ ईस्ट में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है।


एनआईए समेत सभी एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश में हैं कि आखिर इनका मकसद क्या है। कहीं हिजबुल नार्थ ईस्ट में सक्रिय आतंकी संगठनों के साथ मिलकर कोई बड़ी साजिश तो नहीं रच रहे। इसे ध्यान में रखकर एनआईआर और जम्मू काश्मीर पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल करनी शुरू कर दी है। डॉ. हुरैरा से भी इस बाबत सख्त पूछताछ जारी है पर उसके बेहद शातिर होने की वजह से कोई अहम जानकारी हाथ नहीं लग रही। हालांकि एजेंसियों को उम्मीद है कि उसका बड़ा भाई शफीकुल इस बाबत अहम सूचनाएं दे सकता है।