मणिपुर के थौबल डिस्ट्रिक्ट पुलिस और ऑल लिलॉंग एंटी ड्रग कमिटी की संयुक्त टीम ने ड्रग तस्करों का भंडाफोड़ किया। टीम लिलोंग और पोरम्पोट से चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों से लाइंसेस वाली बंदूकें, ड्रग सामग्री और 5,54,700 रूपये का कैश बरामद किया गया है। 

गौरतलब है कि मणिपुर के चंदेल जिले में पुलिस ने सेना के एक कर्नल सहित छह व्यक्तियों को कथित रूप से अवैध मादक पदार्थ के साथ हिरासत में ले लिया था, जिसकी तस्करी म्यामांर की जानी थी। पुलिस सूत्रों ने बताया था कि पालेल में तीन वाहनों में 1.50 करोड़ रुपये की गोलियां मिलीं। हिरासत में लिए गए लोगों में सेना का एक पीआरओ और उसका सहयोगी शामिल था। सूत्रों ने बताया कि उनसे यहां से करीब 45 किलोमीटर दूर पालेन पुलिस थाने में पूछताछ की जा रही है। सेना ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और वादा किया कि यदि कोई कर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि मादक पदार्थ में रेस्पीफेड, ओमकॉप, हिलकोल्ड, पॉलीफेड और एक्टीडेन की गोलियां शामिल हैं।

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से चलने वाली संस्था अंतर्राष्ट्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड (INCB) की 2018 की रिपोर्ट को मानें तो भारत ड्रग्स के अवैध कारोबार का प्रमुख केंद्र है। इसका पता इससे भी चलता है 25 जून 2019 को लोकसभा में बताया गया कि वर्ष 2017 में देश में नशीले पदार्थों की तस्करी के 47,344 मामले सामने आए थे।