त्योहारी सीजन से पहले भारत में कोयला संकट (coal stock in india) बढ़ता जा रहा है। अगर कोयले का संकट देश में और गहराया तो फिर घरों की बिजली भी गुल (power cut in india) हो सकती है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगर समय रहते कोई व्यवस्था नहीं हुई तो आने वाले तीन-चार दिनों में पूरा स्टॉक ही खत्म हो जाएगा। 

ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of Power) के मुताबिक कोयले पर आधारित बिजली उत्पादन केंद्रों में कोयले का स्टॉक (coal stock in india) बहुत कम हो चुका है। देश में 70 फीसदी बिजली उत्पादन कोयले से होता है। कुल 135 थर्मल पावर प्लांट्स में से 72 के पास कोयले का तीन दिन से भी कम का स्टॉक बचा हुआ है। जबकि 50 पावर प्लांट ऐसे हैं जहां कोयले का चार से 10 दिन का स्टॉक है। हालांकि, सरकार का कहना है कि दो-तीन दिनों में कोयले की आपूर्ति कर दी जाएगी।

इसलिए गहराया संकट

1- ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार कोरोना काल के दौरान वर्क फ्रॉम होम रहा, ऐसे में घरों में जमकर बिजली का इस्तेमाल हुआ।

2- हर घर बिजली देने की दिशा में काम हुआ, जिसके कारण भी बिजली की मांग काफी बढ़ गई।

3- भारी बारिश के कारण खदानों में पानी भर जाने की वजह से कोयले की निकासी नहीं हो पा रही है।

4- भारत कोयले का आयात इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और अमरीका जैसे देशों से करता है, लेकिन कोयले की कीमत में तिगुनी वृद्धि हो गई है।

बता दें कि 2021 के अगस्त-सितंबर महीने में कोयले की खपत (coal consumption in india) 2019 के मुकाबले 18 फीसदी तक बढ़ गई है। ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार 2019 में अगस्त-सितंबर महीने में बिजली की कुल खपत 10 हजार 660 करोड़ यूनिट प्रति महीना थी। जो 2021 में बढकऱ 12 हजार 420 करोड़ यूनिट प्रति महीने तक पहुंच गई है।