इंफाल। मणिपुर में मार्च में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी, इसके बावजूद वह सरकार नहीं बना पाई। दूसरे नंबर पर रही भाजपा ने चुनाव के बाद अन्य दलों से हाथ मिलाकर सरकार बना ली। यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका था लेकिन चुनाव के बाद भी कांग्रेस को लगातार झटके लग रहे हैं। 

शुक्रवार को कांग्रेस के एक और तगड़ा झटका लगा। पार्टी के 4 और विधायक भाजपा में शामिल हो गए। इससे पहले दो विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इस तरह कुल 6 विधायक भाजपा ज्वाइन कर चुके हैं। जिन चार विधायकों ने भाजपा ज्वाइन की है उनमें वाई सुरचंद्र,एन.हाओकिप,ओ लुखोई और ए.बीरा शामिल है। मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह और राज्य भाजपा के अध्यक्ष के.भाबनंदा की मौजूदगी में कांग्रेस के विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ली। टी.श्यामकुमार पहले कांग्रेस विधायक थे जिन्होंने भाजपा ज्वाइन की थी। वे विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा में  शामिल हुए थे। 

उन्होंने 15 मार्च को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ भी ली थी। इसके बाद एक और विधायक जी.जोऊ भी भाजपा में शामिल हुए थे। मार्च में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 60 में से 28 सीटें जीती थी। भाजपा के खाते में 21 सीटें आई थी। भाजपा ने अन्य दलों से हाथ मिलाकर सरकार बना ली। राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष टीएन हाओकिप ने कहा, चुनाव के बाद चीजें बदल गई है। दोस्त दुश्मन बन गए। सिद्धांत और विचारधारा जैसी कोई चीज नहीं है। जिन्होंने फ्लोर को क्रॉस किया है उन्हें अयोग्य ठहराए जाने का भी डर नहीं है। उधर स्पीकर वाई खेमचंद उन दो याचिकाओं को एग्जामिन कर रहे हैं जिनमें श्यामकुमार और जोउ को अयोग्य ठहराए जाने की मांग की गई है।