असम में भाजपा के महासचिव दिलीप सैकिया ने मंगलवार को वामपंथी नेता हेमेन दास पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने असमिया समाज के अस्तित्व की रक्षा के लिए असम अांदोलन में भाग लिया था। यहां तक की उन्होंने असम के हितों की रक्षा के लिए इस मसले को सदन में भी उठाया था। जबकि वामपंथी नेताआें ने इसका विरोध किया था।

 

सैकिया ने कहा कि इस विधेयक को लेकर कुछ लोग महज राजनीति कर रहे हैं बस। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 1983 में हुए विधानसभा चुनाव में हेमेन दास ने गलत तरीके से जीत दर्ज की थी आैर विधायक बने थे। उन्होंने कहा कि एेसे लोगों से हमें राजनीति का पाठ नहीं पढ़ना है।

 

 

भाजपा के सचिव ने आगे कहा कि वामपंथी नेता भाजपा नेताआें को सलाह न दें। उन्होंने कहा कि वामपंथी दूसरों को इतिहास की याद दिलाने की जगह अपने पिछले क्रियाकलापों को याद करें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उन्हें किसी पर सवाल उठाने से पहले खुद के गिरेबान में झांक कर देख लेना चाहिए।

सैकिया ने कहा कि भाजपा असम की रक्षा करना जानती है। साथ ही भाजपा आज भी अवपने वादों पर कायम है। नागरिकता संशोधन विधेयक (2016) की अभी संयुक्त संसदीय समिति की आेर से सुनवार्इ चल रही है। यह सिर्फ असम के लिए नहीं पूरे भारत के लिए है। कुछ लोग इसका गलत प्रचार कर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।