कोरोना संकट काल में अफसरों के फोन नहीं उठने से आमजन ही नहीं वीआइपी भी परेशान हैं।  विधायक व पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ने ग्वालियर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को 22 बार फोन किया, लेकिन एक बार भी रिसीव नहीं किया।  इसको लेकर पूर्व मंत्री ने कलेक्टर को पत्र लिखकर कड़ी नाराजगी जाहिर की है।  वहीं मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की प्रशंसा भी की है।  साथ ही सीएम शिवराज सिंह चौहान से अपील की है कि वह प्रदेश के जिम्मेदारी के पद पर बैठे अधिकारियों को सावधान करें कि कम से कम संकट के समय आम जनता एवं जनप्रतिनिधियों से संवाद बना लिया करें। 

पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ने पत्र में लिखा है कि ग्वालियर जिले के दंडाधिकारी होने के नाते आपकी जिम्मेदारी है कि संकट के समय जनता के जीवन की रक्षा हेतु तत्काल आवश्यक मदद करें।  मैने आपको 23 अप्रैल को सुबह ग्यारह बजे से रात नौ बजे तक लगभग 22 बार मोबाइल नंबर 8717999836 व 8989867665 पर तथा आपके कार्यालय के फोन नंबर 0751-2446200 पर फोन किया।  आपसे इस महामारी के संकट में दो सामाजिक कार्यकर्ताओं के जीवन रक्षा हेतु मदद की आवश्यकता थी।  परंतु प्रजातांत्रिक मुल्क में निर्वाचित प्रतिनिधि के साथ आपके इस व्यवहार से मुझे वेदना हुई।  मुझे आपसे फोन करने का कोई शौक नहीं है।  मजबूरी में दो कार्यकर्ताओं के जीवन रक्षा हेतु मदद की आवश्यकता थी. ईश्वर की कृपा से आपको यह प्रतिष्ठित पद मिला है।  मेरा अनुरोध है कि इस प्रतिष्ठा का सम्मान कर जनकल्याण की भलाई करें।  इससे आपका सम्मान ही बढ़ेगा। 

मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की प्रशंसा की

पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ने पत्र में लिखा है कि मैं शुक्रगुजार हूं ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का, जिन्हें एक बार ही फोन करने पर तत्काल वापिस फोन आया और उन्होंने तत्काल कोविड से पीडि़त की मदद की।