असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोला है। गोगोई ने प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को लेकर तंज कसा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता मन की बात नहीं काम की बात सुनना चाहती है। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री प्रत्येक रविवार को मन की बात कार्यक्रम के जरिए लोगों से रुबरु होते हैं।

गोगोई ने पूर्व प्रधानमंत्री (दिवंगत) इंदिरा गांधी की ओर से लगाए गए आपातकाल के विरोध में भाजपा की ओर से काला दिवस मनाए जाने की आलोचना की। गोगोई ने कहा कि अपनी कमियों को छिपाने के लिए भाजपा ने ब्लैक डे मनाया। किसी को इसका भी मूल्यांकन करना चाहिए कि आपातकाल क्यों लगाया गया।

अब चुनाव नजदीक आ रहे हैं और भाजपा के पास उठाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि वे(भाजपा) अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने की कोशिश कर रहे हैं और ये लोकतंत्र के लिए सही नहीं हैं। मोदी राज में यह अघोषित आपातकाल है। एनआरसी अपडेशन पर बोलते हुए गोगोई ने कहा कि ड्राफ्ट एनआरसी से कई सही भारतीय नागरिकों के नाम निकाल दिए जाएंगे।


गोगोई ने कहा कि असम में जारी एनआरसी अपडेशन प्रक्रिया के संबंध में उन्हें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदकों की ओर से भेजे गए पत्र से ज्यादा सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है। असम प्रदेश यूथ कांग्रेस के चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद राजीव भवन पर हुए हमले के संबंध में पूछे जाने पर गोगोई ने कहा कि जहां कहीं राजनीति होगी,वहां एक लॉबी भी होगी। गोगोई ने बताया कि वह 27 जुलाई तक कोइनधारा आवास (मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास) खाली कर देंगे।

2001 से तरुण गोगोई कोइनाधारा हिल्स स्थित आवास में रह रहे थे। कोइनधारा हिल्स खानपारा में स्थित है जिसकी सीमा मेघालय से लगती है। गोगोई गुवाहाटी के लास्ट गेट एरिया में स्थित अन्य सरकारी बिल्डिंग में शिफ्ट होंगे। आपको बता दें कि तरुण गोगोई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। गोगोई के नेतृत्व में ही कांग्रेस ने लगातार तीन बार विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की थी। 18 मई 2016 को गोगोई ने लगातार 15 साल मुख्यमंत्री पद पर रहने का रिकॉर्ड बनाया था। 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की और सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व में पहली बार राज्य में सरकार बनाई। असम गण परिषद भी इस सरकार का हिस्सा है।