अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि हम नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करते हैं क्योंकि यदि अवैध प्रवासियों को धर्म के आधार पर नागरिकता दी जाती है, तो आबादी कई राज्यों में फैल जाएगी। कौन सा राज्य उन्हें जमीन देगा?

ये लोग हो जाएंगे भारत के योग्य

दरअसल, केंद्र सरकार संसद में अगले हफ्ते नागरिकता संशोधन बिल पेश कर सकती हैं और अगर ये विधेयक पेश हो जाता है तो बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के सभी धार्मिक अल्पसंख्यकों जैसे की हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई सभी भारतीय नागरिकता के योग्य हो जाएंगे।


गृह मंत्री ने की मुलाकात

इसी वजह से गृह मंत्री शाह ने पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों और सामाजिक और सांस्कृतिक निकायों, राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों के नेताओं के साथ मुलाकात को अंजाम दिया। इस दौरान वह नागरिकता अधिनियम में संशोधन की योजना पर बातचीत कर रहे हैं।

इनको मिल सकती है नागरिकता

गौरतलब है कि कैब विधेयक के जरिए नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन किया जाना है, जिससे की पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के धार्मिक अल्पसंख्यकों (पारसी, जैन, हिंदू, सिख, ईसाईयों) को भारतीय नागरिकता दी जा सके।

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