पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अलापन बद्योपाध्याय ने गुरुवार को केंद्र सरकार के नोटिस का जवाब दे दिया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले दिनों अलापन को तब नोटिस दिया था, जब वह यास चक्रवात से हुए नुकसान का जायजा लेने बंगाल पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक से गायब रहे थे। कोलकाता स्थित सचिवालय नबन्ना के अधिकारियों ने बताया कि बंद्योपाध्याय ने गुरुवार दोपहर को केंद्र के नोटिस का जवाब दिया है। 

सचिवालय में उच्च पदस्थ अधिकारी के अनुसार, बंद्योपाध्याय ने अपने जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर वह चक्रवात यास से प्रभावित दीघा की समीक्षा के लिए उस बैठक में शामिल नही हुए। दीघा पूर्व मेदिनीपुर जिले का एक लोकप्रिय समुद्री रिसॉर्ट शहर है।

केंद्र ने 31 मई को अलापन बंद्योपाध्याय को कारण बताओ नोटिस भेजा था, जिसमें जोर देकर पूछा गया था कि चक्रवात यास के बाद बंगाल की अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बुलाई गई बैठक से गायब रहने का उनका निर्णय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 का उल्लंघन था। 1987 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बंद्योपाध्याय ने सरकार द्वारा उन्हें दिए गए तीन महीने के विस्तार का लाभ उठाने के बजाय 31 मई को रिटायरमेंट ले लिया था। इसी दिन उन्हें यह नोटिस जारी किया गया था।

अलापन बंद्योपाध्याय तब से सुर्खियों में हैं, जब पिछले महीने के आखिर में प्रधानमंत्री मोदी ने यास चक्रवात तूफान के बाद बैठक की थी। इस बैठक से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अलापन के साथ किनारा कर लिया था। बैठक में बीजेपी के नेता शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे। ममता बनर्जी ने बाद में बताया था कि यह बैठक पहले उनके और प्रधानमंत्री मोदी के बीच में ही होनी थी, लेकिन बाद में इसमें बंगाल बीजेपी नेताओं को भी बुला लिया गया। वहीं, विवाद शुरू होने के बाद 31 मई को अलापन मुख्य सचिव पद से रिटायर हो गए थे और ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार नियुक्त कर दिए गए थे।