असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) की संवैधानिक वैद्यता को चुनौती देने के लिए तीन दशक बाद वकील की पोशाक पहनने पर हर कोई चकित रह गया।गोगोई सीएए को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में वकील के तौर पर मौजूद रहे। कांग्रेस नेता ने मामले में पी.चिदंबरम का सहयोग किया।

गोगोई पिछली बार 1983 में अदालत में पेश हुए थे। रोचक है कि उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के सत्ता में रहने के दौरान राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की वकालत और इसकी शुरुआत की थी। वह पिछले चुनाव में भाजपा से हार गए। उनके बेटे व कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने ट्वीट किया, मेरे पिता और असम के तीन बार के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट में सीएए के खिलाफ अपना मामला दायर करने के लिए वकील का पोशाक पहनी है। सीएए के खिलाफ असम में चल रहे विरोध प्रदर्शन में चार लोगों की जान गई है।

उधर, नागरिकता कानून के खिलाफ गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में हो रहे प्रदर्शन के मद्देनजर कई इलाकों में सुबह नौ बजे तक दोपहर एक बजे तक फोन कॉल , एसएमएस और इंटरनेट सेवा बंद कर दिया गया । दिल्ली पुलिस उपायुक्त (विशेष प्रकोष्ठ) पी एस कुशवाह की ओर से जारी आदेश के अनुसार पुरानी दिल्ली के उत्तर एवं मध्य जिला, मंडी हाउस, सीलमपुर, जाफराबाद, मुश्तफाबाद, जामिया नगर, सईनबाग एवं बवाना क्षेत्रों में फोन कॉल, एसएमएस और इंटरनेट सेवा बंद की गयी। पुलिस ने टेलीफोन प्रदाता कम्पनियों को इस आशय का आदेश दिया था। उल्लेखनीय है कि आज लालकिला, मंडी हाउस, जंतर मंतर और कई अन्य स्थानों पार विभिन्न राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। मेट्रो रेल के अनेक स्टेशनों को भी आज बंद किया गया है ।