अफगानिस्तान के पूर्व कप्तान असगर अफगान (Asghar Afghan) जो इस टी20 विश्वकप (ICC T20 WC) दल का अहम हिस्सा भी हैं, ने नामीबिया के खिलाफ रविवार को होने वाले मैच के बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) (ACB) ने इसे स्वीकार भी कर लिया है और उनके इस फैसले का सम्मान किया है। 

33 वर्षीय इस खिलाड़ी को अफगानिस्तान की स्कॉटलैंड (Afghanistan Vs Scotland) पर 130 रन की जीत वाले मैच में बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला था। जबकि पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने केवल 10 रन बनाए थे, उस मैच में अफगानिस्तान (Afghanistan vs Pakistan) को हार का सामना करना पड़ा था। असगर का वह 74वां टी20 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबला था, उन्होंने इस प्रारूप में 21.79 के औसत और 110.37 के स्ट्राइक रेट से 1351 रन बनाए हैं। असगर के अंतर्राष्ट्रीय करियर का आगाज 2009 में स्कॉटलैंड के खिलाफ वनडे मैच से हुआ था। 

असगर (Asghar Afghan) ने 114 वनडे में 24.73 के औसत और 66.77 के स्ट्राइक रेट से 2424 रन बनाए हैं। अफगानिस्तान के पहले टेस्ट मैच में कप्तानी का जिम्मा असगर के ही कंधों पर था, भारत के  खिलाफ ये टेस्ट मैच 2018 में बेंगलुरु में खेला गया था। असगर (Asghar Afghan) ने छह टेस्ट में 44 की औसत से 440 रन बनाए हैं। असगर को एक बल्लेबाज से ज्यादा बेहतर कप्तान के तौर पर जाना जाता है। उनके नाम आज भी टी20 अंतर्राष्ट्रीय में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड है। उन्होंने 52 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में अफगानिस्तान की कप्तानी की है और इस दौरान उन्होंने 42 में टीम को जीत दिलाई है। जबकि इस फेहरिस्त में भारत के पूर्व कप्तान एमएस धोनी 41 जीतों के साथ असगर के बाद खड़े हैं। 

2019 में असगर (Asghar Afghan) से कप्तानी छीन ली गई थी और तब अफगानिस्तान बोर्ड ने अलग-अलग प्रारूप के अलग-अलग कप्तान बनाए थे। रहमत शाह को टेस्ट का कप्तान बनाया गया था, जबकि गुलबदीन नायब को वनडे और टी20 की कमान राशिद खान के कंधों पर दी गई थी। हालांकि 2019 दिसंबर में एक बार फिर असगर को सभी प्रारूपों का कप्तान नियुक्त किया गया था। लेकिन कुछ ही महीनों बाद एक बार फिर उनसे कप्तानी वापस ले ली गई थी।