असम पब्लिक सर्विस कमीशन के कैश फॉर घोटाले में पुलिस ने अभी तक 22 अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। कुल 25 मुख्य आरोपी हैं। इनमें से तीन फरार हैं। असम के पुलिस महानिदेशक मुकेश सहाय ने जानकारी दी है कि घूस देकर नौकरी पाने वालों की जल्द ही दूसरी सूची सामने आएगी। सूची में कुछ अन्य अधिकारियों के नाम शामिल होंगे। सहाय ने बताया कि जांच जारी है और सबूतों के मुताबिक गिरफ्तारियां की जाएगी। इससे पहले असम पुलिस को 25 अधिकारियों की हैंडराइटिंग के सैंपल्स की फोरेंसिक रिपोर्ट मिल गई थी। इन अधिकारियों ने कथित रूप से असम पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन राकेश कुमार पॉल व उसके सहयोगियों को घूस देकर नौकरी पाई थी। आपको बता दें कि घोटाले में शामिल तीन अधिकारी फरार हैं। इस बारे में पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उन्हें दो अधिकारियों के ठिकाने के बारे में जानकारी मिली है।

जिन लोगों ने इन अधिकारियों को शरण देने में या भगाने में मदद की है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कहा जा रहा है कि फरार दोनों अधिकारियों ने गुवाहाटी में शरण ले रखी है। जो अधिकारी फरार हैं, उनमें निशामोनी डेका(असम सिविल सर्विस, रूमी सैकिया(असम सिविल सर्विस), और राकेश गुप्ता(असम पुलिस सर्विस) शामिल है। 8 नवंबर से लेकर अब तक असम पुलिस इस घोटाले के संबंध में कुल 22 अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोप है कि इन सभी ने असम पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन राकेश कुमार पॉल व उनके सहयोगियों को घूस देकर नौकरी पाई थी। इस घोटाले में कुल 25 मुख्य आरोपी हैं। सूत्रों का कहना है कि फरार अधिकारियों को गत शनिवार तक सरेंडर करने के लिए कहा गया था लेकिन उन्होंने चांस लिया और भागने में कामयाब रहे। सोमवार को यह खबर आई थी कि निशामोनी डेका और राकेश गुप्ता सरेंडर कर सकते हैं लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

आपको बता दें कि इन अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद असम पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमै राकेश कुमार पॉल ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। हाल ही में पूर्व मंत्री नीलमणि सेन डेका के बेटे आर.सेन डेका ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। उसने गत सोमवार को गुवाहाटी के काहिलीपारा में असम पुलिस की स्पेशल ब्रांच के समक्ष सरेंडर किया। आर.सेन डेका बक्सा में सर्किल ऑफिस में पोस्टेड थे। पिछले सप्ताह असम पुलिस ने कैश फॉर जॉब घोटाले के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए ऑपरेशन शुरू किया था। पुलिस ने 2015 बैच के 25 अधिकारियों की पहचान की थी जिन्होंने असम पब्लिक सर्विस कमीशन के अधिकारियों को घूस देकर जाली उत्तर कुंजियों के जरिए सरकारी नौकरी प्राप्त की थी। 25 में से 13 असम सिविल सर्विसेज और सात असम पुलिस सर्विस के अधिकारी हैं। अन्य एलाइड सिर्विसेज से हैं।
डीजीपी मुकेश सहाय ने बताया था कि जांच सही दिशा में पारदर्शी तरीके से चल रही है। राकेश कुमार पॉल को पिछले साल 4 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। पॉल की गिरफ्तारी असम पब्लिक सर्विस कमीशन के दो सदस्यों समेदुर रहमान और बसंता कुमार डोले की गिरफ्तारी के बाद हुई थी। असम पब्लिक सर्विस कमीशन के सहायक परीक्षा नियंत्रण पबित्र कईबारता को बाद में गिरफ्तार किया गया था। बाद में इस घोटाले के संबंध में और अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया। सहाय ने बताया था कि राकेश कुमार पॉल से 50 लाख रुपए जब्त किए गए थे। उनकी कुछ बेनामी संपत्तियों की भी पहचान हुई है।