कृष्ण जन्माष्टमी पूरे देश में बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस साल यह त्योहार 30 अगस्‍त को है। हर वर्ष मनाया जाने वाला यह त्योहार भगवान कृष्ण के जन्म का प्रतीक है। कृष्ण जन्माष्टमी भगवान विष्णु के आंठवे अवतार भगवान कृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। कई लोग इस दिन व्रत रखते हैं, प्रार्थन करते हैं और भगवान कृष्ण के लिए मीठे व्यंजन बनाते हैं। आधी रात को वे दूध, घी और पानी के साथ कृष्ण अभिषेक करते हैं और भगवान को भोग भी लगाते हैं।

 

आमतौर पर लोग इस व्रत में अनाज नहीं खाते। कुछ लोग फल और पानी के साथ भोजन करते हैं, जिसे फलाहार कहा जाता है। अगर आप भी कृष्णजी के भक्त हैं और जन्माष्टमी पर उपास रखने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ बातों का बेहद ध्यान रखना होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, व्रत रखने के दौरान लोगों को उन चीजों का सेवन करना चाहिए, तो उन्हें हाइड्रेट रखें और आलस व सुस्ती महसूस करने से रोकें।

यदि आप इस जन्माष्टमी का उपवास कर रहे हैं, तो एक दिन पहले आपको स्वस्थ भोजन खाना शुरू कर देना चाहिए। जिस दिन आप व्रत कर रहे हैं, उस दिन यह आपके पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करेगा। जिस दिन आप जन्माष्टमी का व्रत रखते हैं उस दिन मसालेदार या ज्यादा तैलीय पदार्थ खाने से बचें। इससे गैसिट्रिक या एसिडिटी की समस्या हो सकती है।

जिस दिन आप उपवास करें, उस दिन आपको ढेर सारा पानी पीना चाहिए। अगर आप पानी नहीं पीते, तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है। कुछ लोग सूर्यास्त के बाद पानी नहीं पीते। अगर आपके साथ भी ऐसा है, तो आप दिनभर में इतना पानी पी लें कि शरीर में इसकी न हो। दरअसल, पानी शरीर के चयापचय को बढ़ाने में मदद करता है और आपको दिनभर हाइड्रेट रखता है। पानी पीने से दिनभर आपका पेट भरा रहेगा इसलिए अगर आप यह व्रत कर रहे हैं, तो कम से कम 5-6 लीटर पानी पीना जरूरी है।

जन्माष्टमी का व्रत करते समय फल खाना बहुत फायदेमंद है। ऐसे फल जिनमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है, इन्हंर खाने से आप दिनभर तरोताजा और ऊर्जावान बने रहेंगे। कमजोरी महसूस नहीं होगी। बता दें कि फल शरीर को जरूरी पोषक तत्व और विटामिन देते हैं। आप चाहें तो केला और आम जैसे फल को दूध के साथ ले सकते हैं या फिर दूध और फलों को मिलाकर एक स्मूदी ट्राय करना भी अच्छा तरीका है। इस तरह का डेजर्ट आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है और एक्टिवनेस भी बनी रहती है।

आमतौर पर लोगों को फलाहार में पकौड़े, साबूदाने के बड़े, टिक्की, समोसे, चिप्स जैसी ऑयली और खूब फ्राइड चीजें खाना पसंद होता है। लोगों के अनुसार यह सभी चीजें काफी हैवी होती हैं और इन्हें खाने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगती। इससे व्रत रखना बेहद आसान हो जाता है। लेकिन आपको बता दें कि तले हुए खा पदार्थ पेट में गैस और एसिडिटी जैसी समस्या पैदा करते हैं। इसके बजाय अगर आप व्रत तोड़ते समय हल्का भुना हुआ भोजन खाने का विकल्प चुनेंगे, तो आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहेगा।

जन्माष्टमी पर लोग पूरी श्रद्धा-भावना से उपवास करते हैं। लेकिन उपवास में खाई जाने वाली सभी चीजें स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद होनी चाहिए। अगर इस दिन कुछ भी अनहेल्दी और ज्यादा ऑयली खा लिया , तो आपको न चाहते हुए भी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना ही पड़ेगा।

अक्सर लोग ये गलती करते हैं, जो बाद में उनकी सेहत पर ही भारी पड़ जाती है। लोग उपवास तोड़ते समय थाली में खूब सारा भोजन भर लेते हैं। एकसाथ ज्यादा भोजन खाने से अपच और वजन बढ़ने जैसी समस्या पैदा होंगी। इसलिए जब भी जन्माष्टमा का व्रत तोड़े , तो कोशिश करें, कि प्लेट ज्यादा न भरी हो और न ही इसमें तैलीय खाद्य पदार्थ शामिल हों।