असम के पूर्व मुख्यमंत्री आैर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तरुण गोगोर्इ ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि अगले बीस वर्षों तक राज्य का भाग्य तय करने की बजाय भाजपा को अपने कार्यकाल के दौरान हो रहे पार्टी के प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कांग्रेस नेता गोगोर्इ का यह बयान राज्य कि वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के उस बयान के बाद आया जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा अगले बीस वर्षों तक असम के भाग्य का फैसला करेगी।


बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर असम समेत पूरे पूर्वोत्तर में जमकर विरोध प्रदर्धन हो रहा है। राजनीतिक दलों अौर छात्र संगठन लगातार हड़ताल आैर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह विधेयक नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन के लिए पेश किया गया है, जिसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी या ईसाई को छह साल रहने के बाद भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है। पहले यह समयसीमा 12  साल थी।


सरमा पर कटाक्ष करते हुए गोगोर्इ ने असम में कांग्रेस शासनकाल को याद करते हुए कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा उन दिनों मुस्लिम विधायकों का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे थे जब वह पार्टी में मतभेद पैदा करने में व्यस्त थे। अब वहीं मुस्लिम विधायकों को हिमंत बांग्लादेशी कहकर संबोधित कर रहे हैं। हिमंत के साथ गोगोर्इ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा को जिम्मेदारी सौंपने के बाद पीएम मोदी डर गए हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 23 जनवरी, 2019 को प्रियंका वाड्रा को आगामी लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश पूर्व का महासचिव नियुक्त किया है।