असम में बाढ़ से स्थिति खराब बनी हुई है और राज्य के नये क्षेत्रों में पानी बढऩे के कारण बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 


आधिकारिक बुलेटिन में शनिवार को बताया गया कि राज्य के छह जिले बाढ़ की चपेट में हैं और दो नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। 
बाढ़ के कारण अभी तक राज्य में 32 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में पिछले 24 घंटों में किसी की मौत की सूचना नहीं है। राज्य में 67 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और लगभग नौ हजार लोग 22 राहत शिविरों में रह रहे हैं।

कई नदियों का जल स्तर बढ़ा
असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और राज्य में कई नदियों का जल स्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है।

सोनितपुर जिले में जिया भारली नदी खतरे का निशान पार गई। इसके अलावा शिवसागर में देसांग और गोलघाट में धनसीरी नदी भी गुरुवार को खतरे का निशान पार कर गई। 
असम की आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के मुताबिक, राज्य के छह जिले धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ, चरायदेव, कछार, करीमगंज आैर हैलाकांडी में 68,000 लो बाढ़ से प्रभावित थे। बता दें कि प्रदेश के चार जिलों में 53 राहत शिविरों में अब भी 16,408 लोगों ने शरण ले रखी है।एएसडीएमए के रिपोर्ट के मुताबिक असम के करीमगंज की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। इस जिले में करीब 44,000 लोग बाढ़ से पीड़ित हैं। जबकि हैलाकांडी में 10,000 लोग बाढ़ से प्रभावित है। मंगलवार तक राज्य के 165 गांव से बाढ़ के चपेट में थे लेकिन अब 144 ऐसे गांव है जो अब भी बाढ़ के चपेट में हैं। बता दें कि अब भी राज्य में बाढ़ का खतरा टला नही है। राज्य के सोनितपुर की जिया भराली नदी खतरे के निशान से उपर बह रही है।
बाढ़ से सड़क, बांध और अन्य आधारभूत ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है। भारत सरकार ने राहत पैकेज रिलीज किया है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से रविवार तक असम में और भारी बारिश होगी। मानसून ऋतु में असम अक्सर बाढ़ का शिकार बनता है और भारी जान-माल का नुकसान होता है।