पूर्वोत्तर के असम में आई बाढ़ अब दूसरे इलाकों में भी पहुंच गई है। वहां पानी घुसने से सात जिलों में 51,000 से अधिक लोगों के प्रभावित होने की खबर है। असम राज्य आपदा प्रबंधन अथॉरिटी (एएसडीएमए) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि बाढ़ ने आमजन की स्थितियां काफी बिगाड़ दी हैं।

अथॉरिटी ने बताया है कि बाढ़ से धेमाजी, लखीमपुर, सोनितपुर, नालबारी, बारपेटा, चिरांग और मजूली जिलों में 51,400 लोगों पर बाढ़ की बुरी तरह मार पड़ी है। 85 गांवों में 51,000 से अधिक लोग बाढ़ की वजह से परेशान रहे। बता दें कि इससे पहले सात जिलों में 82 गांवों के करीब 45,500 लोग बाढ़ से बेहाल थे जबकि लखीमपुर पर बाढ़ की सबसे अधिक मार पड़ी है।

असम की ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान की ओर बढ़ गई है, जिससे राज्य में बाढ़ के आसार बढ़ गए थे। अबतक बाढ़ से 32 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं असम के कोकराझार में भी बारिश ने तबाही मचा रखी है। पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते यहां कई गांव पानी में डूब गए हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। बारिश ने पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भी बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। दूसरी तरफ उत्तरी भारत में मानसून आने के बाद से ही कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।उत्तराखंड में ज्यादातर नदियां उफान पर हैं।