लगातार हो रही बारिश की वजह से पूर्वांचल के 10 जिलों में बाढ़ का संकट बढ़ गया है।  गंगा नदी इन दिनों पूरी तरह से उफान पर है, जिसकी वजह से नजदीकी इलाकों में पानी भरने का डर बना हुआ है, वहीं सभी जिलों में बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। 

 गंगा के बढ़ते जल स्तर की वजह से हालात खराब हो ते जा रहे हैं।  वाराणसी में हालात ये हो गए हैं कि शवों के दाह संस्कार की जगह तक नहीं बची है।  वहीं मंदिरों में भी भक्त दर्शन के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं। 

वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने की वजह से आस पास के 206 गांव में अलर्ट जारी किया गया है।  दशश्वमेघ घाट में भी पानी भर गया है। जिसकी वजह से गंगा आरती भी बाढ़ के बीच ही हुई।  वहीं कई आरती स्थलों को भी बाढ़ की वजह से बदल दिया गया है।  मिर्जापुर, बलिया, चंदौली,गाजीपुर और भदोही में भी मंगलवार को गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। 

हालात ये हो गए हैं कि गाजीपुर और बलिया में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गई हैं।  वहीं राहत की बात ये है कि सोनभद्र की बकहर नदी में जलस्तर घटने की वजह से घओरावल-मिर्जापुर मार्ग फिर से बहाल हो गया है।  लेकिन कई जिलों में आवाजाही अभी भी बाधित है। 

बुंदेलखंड समेत झांसी में भी नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी की वजह से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं 7 बाधों में 5 लाख 4 हजार 300 क्यूसेक पानी बेतवा, पहुज और धसान नदी में छोड़ा गया। लगातार हो रही बारिश की वजह से बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है।  झांसी के डीएम आंद्रा वामसी ने बताया कि झांसी के आसपास पिछले चौबीस घंटों में तेज बारिश हुई, जिसकी वजह से मंडल के कई बाधों का जलस्तर काफी बढ़ रहा है। 

अब नदियों में बांध का पानी छोड़ा जा रहा है।  आगे भी इस तरह की स्थिति जारी रह सकती है। बारिश इसी तरह से जारी रही तो निचले इलाकों में जलभराव का बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा।  डोंगरी बांध का जलस्तर 273 मीटर के करीब होने की वजह से इसका पानी पहुंज में छोड़ा जाएगा।  इससे नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ आ सकती है।