मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता डी. डी. लपांग (85) पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। लपांग का पूरा नाम डॉ. डोनवा डेथवेल्सन लपांग है। मेघालय राजनीति में इनका कद काफी बड़ा है। 5 बार मेघालय के मुख्यमंत्री रहे लपांग ने पिछले साल सितंबर में चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की थी। इससे कांग्रेस को बड़ा झटका लगा था। गौरतलब है कि लपांग पांच बार मुख्यमंत्री रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री के तौर पर एक बार भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए।


साल 1934 जन्में लपांग ने अपने जीवन की शुरूआत एक रोड लेबर के रूप में की थी। इसके बाद वे स्कूल में सब इंस्पेक्टर बने। उनके पिता का नाम डोनवा वॉर था। साल 1958 में उन्होंने अमेथिस्ट लिंडा जोम्स ब्लाह के साथ शादी कर ली।


राज्य के पहले विधानसभा चुनाव(1972) में वे पहली बार नोंगपोह विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक चुने गए। इसके बाद वे साल 1978, 1983, 1988, 1998, 2003, 2008 और 2013 में  नोंगपोह सीट से ही विधायक निर्वाचित हुए। पहली बार वे 5 फरवरी 1992 से 19 फरवरी 1993 तक के लिए मेघालय के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद वे 4 मार्च 2003 से 15 जून 2006 तक दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। इसके बाद 10 मार्च 2007 से 4 मार्च 2008 तक मुख्यमंत्री रहे। विधानसभा चुनाव होने के बाद वे फिर 4 मार्च 2008 से 19 मार्च 2008 तक मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद लपांग 13 मई 2009 से 19 अप्रैल 2010 तक मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद मुकुल संगमा राज्य के मुख्यमंत्री है।


वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो मेघायल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चीफ पद से दिसंबर में हटा दिया गया था। क्योंकि लपांग की तबीयत ठीक नहीं रहती है। 85 वर्षीय लपांग को सिंतबर में गुवाहाटी में अंतरराष्ट्रीय अस्पताल में भर्ती कराया था। उन्हें गंभीर निर्जलीकरण की शिकायत थी।


इस विधानसभा चुनाव में नोंगपोह सीट से लपांग के करीबी मेरालबॉर्न सईम को टिकट दिया है। इसी वजह से लपांग ने खुद उन्हें इस सीट से उम्मीदवार बनाया है। इस बार इनका मुकाबला भाजपा के मारियन मरिंग, आप के डीडरेक्ट बिनोंग, पीडीएफ के पटबून सैंग्किली, एनपीपी के सी. बी. सईम, यूडीपी के आर. खायमडीट और निर्दलीय उम्मीदवार मामिन राजा से है। 27 फरवरी को हुए चुनाव में लपांग ने नोंगपोह सीट के लिए वोट डालें हैं। मेघालय विधासभा का चुनाव परिणाम 3 मार्च को घोषित किए जाएंगे।