देश के हवाई किराए में पांच फीसदी का इजाफा कर दिया गया है।  विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट कर जानकारी दी कि हवाई किराए के लोवर बैंड में पांच फीसदी का इजाफा किया गया है।  इसके पीछे सरकार ने हवाई ईंधन के बढ़ते दाम को वजह बताया है। 

सरकार की तरफ से इसके पहले फरवरी में किराए के निचले प्राइस बैंड में 10 फीसदी और ऊपरी बैंड में 30 फीसदी इजाफा किया गया था।  अब निचले प्राइस बैंड में फिर से इजाफा हुआ है।  फिलहाल ये बढ़त अप्रैल अंत तक लागू रह सकती है।  आगे का फैसला सरकार हवाई ईंधन के दामों को देखने के बाद ही तय करेगी। 

हरदीप सिंह पुरी ने ये भी कहा है कि कोरोना के चलते पिछले कुछ दिनों में हवाई यात्रियों की संख्या में कमी देखने को मिली है।  इसके पीछे उन्होंने राज्यों में बढ़ते कोरोना के मामलों के चलते लगाए जा रहे प्रतिबंधों को वजह बताया है।  यही वजह है कि सरकार फिलहाल पूरी तरह से घरेलू हवाई सेवाओं को खोलने का फैसला नहीं कर रही है. विमानन कंपनियां 80 फीसदी क्षमता पर ही चलती रहेंगी। 

केंद्र सरकार ने हवाई यात्रा के समय के आधार पर किराये की सात कैटेगरी बनाई हैं।  सभी कैटेगरी में दूरी के हिसाब से न्यूनतम और अधिकतम किराया तय किया गया था।  देश में न्यूनतम किराया 2800 रुपये और अधिकतम किराया 28 हजार रुपये रखा गया था।

  विमानन कंपनियां हवाई यात्रा के लिए टिकट का किराया मांग और सप्लाई के आधार पर तय करती हैं।  कोरोना महामारी को देखते हुए लोगों को इसके लिए बहुत ऊंचे दाम न चुकाने पड़ें, इसीलिए सरकार ने इसकी सीमा तय की है।