मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बस गए चीन के सैनिक वांग पांच दशक बाद आखिरकार चीन पहुंचकर अपने पूरे परिवार और रिश्तेदारों से मिले। करीब आधा दशक तक भारत में रहने के बाद 77 साल के वॉन्ग शनिवार को नई दिल्ली से 3700 किलोमीटर का सफर तय कर बीजिंग पहुंचे।

जेल से छूटने के बाद वांग ने एक भारतीय महिला से शादी करके यहां अपना परिवार बसा लिया था। 77 साल के वांग को 1962 के चीन-भारत युद्ध के बाद भारतीय क्षेत्र में घुसते हुए पकड़े गए थे। हालांकि बाद में उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया।

54 साल बाद अपनी सरजमीं पर कदम रखने और परिवार के लोगों से मिलने के बाद उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने कहा कि यह उनकी जिंदगी का सबसे खुशहाल दिन है और वह जाहिर नहीं कर सकते कि वो अपने परिवार के लोगों और 84 साल के भाई से मिलकर कितने उत्साहित हैं।

आपको बता दें कि 77 साल के वांग 1962 के चीन-भारत युद्ध के बाद भारतीय क्षेत्र में घुसते हुए पकड़े गए थे। कुछ समय तक जेल में रखने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था। जेल से छूटने के बाद वॉन्ग ने एक भारतीय महिला से शादी की और मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बस गए थे। विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से उन्हें मिली मदद से वह वापस चीन पहुंच पाए हैं। वांग और उनके परिवार के सदस्य शनिवार को वहां पहुंचे हैं। 

उसके बाद वह वांग के रिश्तेदारों से मिलने के लिए शांक्सी प्रांत में अपने पैतृक स्थल पहुंचे।

इस घटनाक्रम से एक सप्ताह पहले चीन के दूतावास से एक प्रतिनिधिमंडल ने वांग से मुलाकात की थी। वांग के पुत्र विष्णु ने बताया कि भारत स्थित चीन के दूतावास के तीन अधिकारियों ने उनके पिता से एक घंटे से अधिक समय तक बात की थी। उन्होंने उन्हें चीन यात्रा में सभी संभव मदद का भरोसा दिया था।