गणतंत्र दिवस के अवसर पर असम के 3 जिलों में ग्रेनेड के जरिए 5 बड़े धमाके हुए। ये धमाके रविवार सुबह उस समय हुए, जब गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर पूरे देश में जश्न का माहौल था और सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे।


इन धमाकों के पीछे यूनाईटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के वार्ता विरोधी गुट का हाथ बताया जा रहा है। तीन धमाके अकेले डिब्रूगढ़ जिले में तो एक धमाका चराइदेव और तिनसुकिया जिले में किया गय़ा। इन धमाकों में किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं हैं। विस्फोटों में पहला विस्फोट एक कचरा डंपिंग क्षेत्र के पास डिब्रुगढ के ग्राहम बाजार में हुआ।


फिर दूसरा धमाका डिब्रूगढ़ के मारवाड़ी पट्टी स्थित सिख नेशनल स्कूल की बाउंड्री वॉल के पास हुआ। खबरों के मुताबिक धमाके के कारण स्कूल की दीवार थोड़ी क्षतिग्रस्त हो गई है। तीसरा धमाका डिब्रूगढ़ जिले के दुलियाजान में एक फुटपाथ के पास हुआ। इससे नाले की स्लैब को नुकसान पहुंचा।


चौथा धमाका असम के ही तिनसुकिया जिले के दुमदुमा में कोलीपानी पुल के पास हुआ जबकि पांचवां धमाका चरईदेव जिले के सोनारी के टेकोक घाट पर एक दुकान के पास हुआ। असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने धमाकों की निंदा करते हुए इसे कायराना हरकत बताया।


सीएम ने राज्य के महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत को आरोपियों को पकडऩे और स्थिति को नियंत्रण बनाए रखने का निर्देश दिया है। बता दें कि गणतंत्र दिवस से छह दिन पूर्व चराइदेव जिले में बम धमाका हुआ था। इस धमाके में भी किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं मिली थी। हालांकि विस्फोट के कारण कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई थीं।