सोने का एक ऐसा द्वीप मिला है, जो सोने के जेवर समेत कई बहूमूल्य चीजों से (Island of Gold) भरा हुआ है। इस सोने के द्वीप की सालों (Island of Gold) से तलाश थी। कहा जा रहा है कि कई सालों पहले गायब हो चुका ये सोने का द्वीप इंडोनेशिया के पालेमबैंग प्रांत की मूसी नदी (Musi River) में मिला है। इस नदी की तलहटी से सोने के आभूषण और कई बेशकीमती वस्तुएं मिल रही हैं। बीते 5 साल से मछुआरे मूसी नदी (Musi River) में खजाने की तलाश में थे।

इस द्वीप को लेकर कई लोक कथाएं हैं कि यहां पर इंसान खाने वाले सांप रहते हैं। कहा जाता है कि सोने का द्वीप नाम से प्रसिद्ध ये जगह इंडोनेशिया के प्राचीन इतिहास में श्रीविजया शहर (srivijaya city) कहलाता था। कहा जाता है कि यहां पर मलाका की खाड़ी पर राज करने वाले राजाओं का साम्राज्य था। भारतीय चोल साम्राज्य (Indian Chola Empire) से हुए युद्ध में ये शहर बिखर गया था। दरअसल, इस नदी की तलहटी से गोताखोर लगातार सोने के आभूषण, मंदिर की घंटियां, यंत्र, सिक्के, सिरेमिक बर्तन और बौद्ध मूर्तियां निकाल रहे हैं। गोताखोरों को अब तक नदी से सोने की तलवार, सोने और माणिक से बनी अंगूठी, नक्काशीदार जार, शराब परोसने वाला जग और मोर के आकार में बनी बांसूरी मिली है।

इतिहासकार मानते हैं कि मूसी नदी के नीचे एक ऐसा साम्राज्य हो सकता है, जो सोने (Island of Gold) का हो। वहीं इस बारे में मरीन आर्कियोलॉजिस्ट सीन किंग्सले ने कहा कि आजतक श्रीविजया शहर (srivijaya city) को खोजने के लिए सरकार की तरफ किसी तरह का खनन कार्य नहीं किया गया है। अब तक जो भी आभूषण या कीमती वस्तुएं नदी से निकल रही हैं, उन्हें गोताखोरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाले निजी लोगों को बेच दिया।