असम में पहली बार ट्रांसजेंडर जज स्वाति बिधान बरुआ को नियुक्त किया गया है। स्वाती ने शनिवार को यहां एक लोक अदालत में अपना काम शुरू किया। इसके साथ ही पूर्वोत्तर का यह राज्य देश का तीसरा ऐसा राज्य बन जायेगा, जहां ट्रांसजेंडर न्यायाधीश हैं। इससे पहले पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में ऐसे न्यायाधीश हैं।

यह पद मिलने के बाद उन्होंने कहा कि समाज में बहुत ही ज्यादा भेदभाव है और ये स्वीकार करना की ट्रांसजेंडर समाज का हिस्सा है, इस तरह के कदम मी का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि एक जज के पद पर मेरी नियुक्ति समाज के लिए सकारात्मक संदेश है और इस तरह के सराहनीय कदम से समाज में ट्रांसजेंडरों के प्रति नजरिया बदलेगा। स्वाति बी बरुआ का जन्म असम के पांडु शहर में हुआ। 

बता दें कि जुलाई, 2017 में जोयिता मंडल देश की पहली ट्रांसजेंडर जज बनी थीं। इस तरह पश्चिम बंगाल ट्रांसजेंडर जज नियुक्त करने वाला देश का पहला राज्य बना था इसके बाद फरवरी, 2018 में विद्या कांबले महाराष्ट्र के नागपुर स्थित लोक अदालत में जज बनीं. असम की पहली ट्रांसजेंडर जज स्वाति विधान बरुआ देश की तीसरी ट्रांसजेंडर जज बनी हैं।