अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद हालात हर पल बिगड़ते जा रहे हैं।   सबसे ज्यादा अफरातफरी राजधानी काबुल में है।   यहां तालिबान के आतंकी सड़कों पर खुलेआम घुम रहे हैं, लूटपाट कर रहे हैं।   वहीं काबुल एयरपोर्ट पर उन लोगों को जमावड़ा है जो मुल्क छोड़कर जाना चाहते हैं।   इनमें बहुत से वो अफगानी नागरिक हैं जिनके पास न पासपोर्ट है ना वीजा।   ना ही उन्हें पता है कि किस देश जाना है, लेकिन ये भारी संख्या में एयरपोर्ट में घुस गए हैं और रन पर खड़े विमानों तक पहुंच गए हैं। 

फिलहाल, काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिकी सैनियों का कब्जा है।   यहां का पूरा कामकाज अमेरिकी सेना की देखभाल में हो रहा है।   ताजा खबर यह है कि इस भीड़ को काबू करने के लिए अमेरिकी सैनिकों ने गोलियां चलाई हैं, जिनमें 5 लोगों के मारे जाने की सूचना है।   गोलीबारी और मृतकों की संख्या की जानकारी रायटर्स के हवाले से है।   इस बीच, अफगानिस्तान के हालात पर संयुक्त राष्ट्र भी हरकत में आ गया है।   सोमवार शाम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गई है। 

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी कल ही देश छोड़कर भाग गए थे।  इसको लेकर उनकी आलोचना भी हो रही है।   बहरहाल, अशरफ गनी को लेकर ताजा खबर यह है कि ताजिकिस्तान ने उनके प्लेन को दुशांबे में उतरने की अनुमति नहीं दी।   फिलहाल, गनी ओमान में हैं और यहां से सीधा अमेरिका जाएंगे।   ताजिकिस्तान तालिबान का नाखुश नहीं करना चाहता है, इसलिए गनी के प्लेन को लैंडिंग की अनुमति नहीं दी। 

 तालिबान के नेताओं का एक दल दोहा से काबुल पहुंच रहा है।   ये सभी मिलकर आगे की रणनीति तय करेंगे।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, ताबिलान की नई सरकार में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति व अन्य बड़े पदों के लिए नामों पर विचार शुरू हो गया है।   वहीं पाकिस्तान में अफगानी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद से मुलाकात की है। 

काबुल का एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर दिया गया है।   यानी इस एयरस्पेस का उपयोग करते हुए कोई विमान काबुल के आसमान से नहीं गुजर पाएगा।   इसी कारण शिकागो से नई दिल्ली आ रही फ्लाइट को भी यूटर्न लेने को कहा गया और यह विमान वापस लौट गया। 

 काबुल की सड़कों पर तालिबान के आतंकी बेखौफ घुम रहे हैं।   आम नागरिक डर के मारे घरों में कैद है।   तालिबान ने जेल में कैद अपने खू्खार आतंकियों को रिहा करना शुरू कर दिया है।   हालांकि तालिबान के प्रवक्ता ने अपने लड़ाकों से कहा है कि वे किसी के घर में न घुसे। 

 ब्रिटेन ने अपने विमानों से अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उपयोग नहीं करने की सलाह दी है।   एडवाइजरी के मुताबिक, तालिबान के आतंकी विमानों को निशाना बना सकते हैं।   बता दें, ब्रिटेन भी काबुल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने की कवायद में जुटा है।