भारत में दीवाली (Diwali) बड़ी धूम—धाम से मनाई जाती है। आज धनतेरस के साथ ही दीवाली त्योंहार की शुरूआत हो चुकी है। भारत में जैसे ही दीवाली आती है, अखबारों से लेकर टीवी पर पटाखों पर प्रतिबन्ध लगाने की बातें होने लगती हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार पटाखों के धुंए के कारण नेचर पर काफी बुरा असर होता है। लेकिन आज हम आपको पटाखों के इतिहास (History Of Fire Crackers) के बारे में बताने जा रहे हैं कि आखिर पटाखे शुरू कैसे हुए थे। इनको सबसे पहले कहां बनाया गया और भारत में पटाखा पहली बार कब आया। तो जानिए...

पटाखों (Fire Crackers) की शुरुआत को लेकर कई तरह की कहानियां है। लेकिन इतिहास में सबसे ज्यादा लोग इस बात से सहमत हैं कि इसकी शुरुआत चीन में छठी सदी के दौरान हुई थी।

कहा जाता है कि पटाखे का आविष्कार किचन में हुई एक गलती से हुआ था। चीन में एक रसोईये ने खाना बनाते हुए गलती से सॉल्टपीटर जिसे पोटेशियम नाइट्रेट भी कहते हैं उसको आग में फेंक दिया था। इसके बाद उससे रंगीन लपटें निकली। इसके बाद जब रसोइये ने इसके साथ कोयले और सल्फर का पाउडर भी आग में डाला तो काफी तेज धमाका हुआ। इस तरह बारूद का अविष्कार हुआ। इसके बाद फिर इसे पटाखों में भरकर उसकी शुरुआत की गई।