दिल्ली पुलिस ने जुमे की नमाज के बाद जामा मस्जिद के बाहर प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने शनिवार को बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामजा दर्ज किया गया है। पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी करने के कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा निलंबित की गई पार्टी प्रवक्ता नुपूर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल को तत्काल गिरफ्तार किये जाने की मांग को लेकर शुक्रवार को जामा मस्जिद के बाद भारी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग जमा हुए थे।

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जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी ने कहा कि प्रदर्शन के लिए कोई भी आह्वान नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि प्रदर्शनकारी कौन थे। दिल्ली पुलिस की प्रवक्ता सुमन नलवा ने गुरुवार को ही बताया था कि शांति भंग करने के आरोप में नुपूर शर्मा और कई सोशल मीडिया संस्थानों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन्हें नोटिस भी भेजा गया है।

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गौरतलब है कि नुपूर शर्मा के बयान पर कई मुस्लिम देशों ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है। अफगानिस्तान, पाकिस्तान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, बहरीन, इंडोनेशिया और ईरान तथा ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉपरेशन ने आधिकारिक रूप से अपनी आपत्ति दर्ज कराई है और माफी की मांग की है। नुपूर शर्मा को उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर हजारों की संख्या में धमकियां मिली हैं, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की है। नुपूर शर्मा ने 27 मई को दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई की थी कि उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। इस शिकायत के आधार अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत स्पेशल सेल ने मामला दर्ज किया है।