बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजप्रताप यादव के खिलाफ कोविड-19 महामारी के दौरान झारखंड सरकार के आदेशों का उल्लंघन करने के लिए रांची पुलिस ने एक प्राथमिकी दर्ज की। प्राथमिकी रांची के सर्कल ऑफिसर (सीओ) प्रकाश कुमार की शिकायत पर दर्ज की गई है। कुमार ने चुटिया पुलिस स्टेशन को एक लिखित शिकायत में कहा,  रांची जिला प्रशासन के पुलिस और अधिकारियों द्वारा एक होटल के कमरा नंबर 507 का निरीक्षण किया गया। यह पाया गया कि लालू यादव के बेटे तेजप्रताप यादव राज्य सरकार की बिना किसी अनुमति के वहां रहे। तेजप्रताप 14-दिवसीय होम क्वारंटीन के प्रोटोकॉल का पालन किए बिना अपने गृह राज्य बिहार वापस आ गए।

सीओ की शिकायत के आधार पर, चुटिया पुलिस स्टेशन ने तेज प्रताप के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत एफआईआर दर्ज की। मामले की जांच के लिए एक जांच अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। इससे पहले, तेज प्रताप को एक कमरा देने के लिए रांची में होटल बुक किया गया था। पुलिस के अनुसार, होटल कैपिटल रेजीडेंसी के मालिक और प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सरकारी आदेश के अनुसार, अनलॉक 3.0 के दौरान झारखंड में होटल, धार्मिक स्थानों और जिमों को संचालित करने की अनुमति नहीं है।

पुलिस ने कहा कि तेजप्रताप यादव अपने पिता से मिलने यहां पहुंचे। वह रांची में होटल कैपिटल रेजीडेंसी में रहे। लालू यादव से उनकी मुलाकात करीब ढाई घंटे तक चली। रांची जिला प्रशासन और पुलिस ने होटल पर छापा मारा और तेजप्रताप के वहां रहने के सबूत मिले। भाजपा ने तेजप्रताप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और मानदंडों का उल्लंघन करते हुए लालू यादव के साथ बैठक की अनुमति देने पर राज्य सरकार को घेरा है। भाजपा नेता रबी भट्ट ने कहा कि तेजप्रताप के खिलाफ कोरोनावायरस के दिशानिदेर्शों का उल्लंघन करने के लिए एक प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। वह एक बड़े काफिले के साथ आए और रिम्स में मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन गए।