रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग के बीच एक छोटे से देश फिलनैंड ने बड़ी चेतावनी दे डाली है। फिनलैंड ने रूस पर सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। दरअसल फिनलैंड की प्रधानमंत्री ने धमकी दी थी कि अगर उनके राष्‍ट्रीय हितों पर संकट आया तो वह नाटो की सदस्‍यता के लिए अप्‍लाई करेंगी। वहीं रूस ने कहा है कि अगर फिनलैंड ने नाटो जॉइन किया तो विनाशाक परिणाम भुगतने होंगे। इसमें सैन्‍य के साथ- साथ राजनीतिक कार्रवाई शामिल है। 

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फिनलैंड की प्रधानमंत्री साना मारिन ने देश की संसद में कहा, अगर राष्‍ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बढ़ा तो फिनलैंड नाटो की सदस्‍यता को अप्‍लाइ करने के लिए तैयार है। इससे पहले फिनलैंड के राष्‍ट्रपति और पीएम ने कहा था कि किसी भी समय उनके पास नाटो की सदस्‍यता लेने का विकल्‍प मौजूद है। प्रधानमंत्री मारिन ने अपने एक अलग भाषण में कहा कि प्रत्‍येक देश को अपनी सुरक्षा नीति पर फैसला करने का अधिकार है। उन्‍होंने कहा, हमने दिखा दिया है कि हमने भूतकाल से सीखा है। हम अपने देश में युद्ध नहीं होने देंगे।' फिनलैंड की प्रधानमंत्री के इस ऐलान से रूस भड़का हुआ है।

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आपको बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच तीसरे दिन भी युद्ध जारी है। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर धावा बोल दिया है। इस बीच यूक्रेन ने आम नागरिकों से भी हथियार उठाने के लिए कहा है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने देश छोड़कर भागने के अमरीकी ऑफर को ठुकरा दिया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को अमरीकी सरकार ने राजधानी कीव से निकलने के लिए कहा था, लेकिन जेलेंस्की ने इससे इनकार कर दिया। मामले से परिचित अमरीका के खुफिया विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बोले, यहां युद्ध चल रहा है। मुझे गोला बारूद चाहिए, सवारी नहीं। अधिकारी ने जेलेंस्की को एक 'जोशीला व्यक्ति' बताया है। जेलेंस्की ने कहा था कि दुश्मन ने उन्हें टारगेट नंबर-1 और उनके परिवार को टारगेट नंबर-2 के रूप में चिन्हित किया है।