मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित न्यायालय परिसर स्थित मंदिर में दशरथ पटैल से शादी करने के बाद जेवर, नगदी रुपए लेकर भागी लुटेरी दुल्हन उर्मिला रैकवार उर्फ रेनू राजपूत को पुलिस ने उसके गिरोह के तीन सदस्यों सहित गिरफ्तार कर लिया है. 

रेनू ने खुद को अनाथ बताकर दशरथ पटैल से शादी की, इसके बाद दूल्हा जब बाईक में बिठाकर नई दुल्हन को घर लेकर जा रहा था तो रास्ते में यह कहते हुए उतरकर अपने साथी के साथ भाग निकली कि ठीक से बैठते नहीं बन रहा है. पुलिस ने मामले में लुटेरी दुल्हन उर्मिला अहिरवार व उसके साथियों के कब्जे से सोने के जेवर, नगदी रुपया सहित अन्य सामान बरामद कर लिया है.

पुलिस के अनुसार भीमगढ़ छपारा जिला सिवनी निवासी दशरथ पटैल उम्र 41 वर्ष स्कूल वेन चलाता है, उसके चाचा जागेश्वर व चाची सुनीता पटैल ने 15 दिन पहले रेनू उर्फ राजपूत की मौसी से शादी के संबंध में बातचीत की, जिसपर मौसी ने रेनू की फोटो वाट्सएप पर भेज दी, जिसे देखकर शादी तय हो गई, एक फरवरी को शाम 4 बजे के लगभग नोटरी के समक्ष लिखा पढ़ी के बाद शिवमंदिर में शादी हो गई, जिसमें दशरथ पटैल ने सोने का मंगलसूत्र, पायल, साड़ी व रेनू के रिश्तेदार अमरसिंह को 35 हजार रुपए नगद दिए थे. शादी होने के बाद दशरथ पटेल अपनी दुल्हन रेनू को मोटर साइकल में बिठाकर चला, न्यायालय के गेट नम्बर तीन के सामने रेनू यह कहते हुए बाईक से उतर गई कि गाड़ी में ठीक से बैठते नहीं बन रहा है, बाईक से उतरते ही रेनू पीछे मोटर साइकल क्रमांक एमपी 20 एनएच 5332 में भागचंद कोरी के साथ बैठकर भाग गई. इस घटना को लेकर हड़कम्प मच गया, मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि रेनू राजपूत का असली नामक उर्मिला रैकवार पति स्वर्गीय अजय अहिरवार उम्र 28 वर्ष निवासी धनवतंरी नगर साई कालोनी है, वहीं अर्चना राजपूत का असली नाम अर्चना पति राजू बर्मन उम्र 40 वर्ष मेडिकल नेहरु नगर पहाड़ी गढ़ा, भागदंव पिता जगमोहन कोरी 22 वर्ष निवासी नवनिवेश कालोनी गंगा नगर गढ़ा व अमरसिंह पिता रन्नू ठाकुर 50 वर्ष निवासी शाहीनाका गढ़ा है. जिन्होने मिलकर या साजिश रची थी. जिन्होने रेनू को अनाथ बताते हुए कहा कि रेनू को बचपन से पाला है, पुलिस ने चारों को सरगर्मी से तलाश करते हुए बंदी बना लिया गया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने का मंगलसूत्र, 20 हजार रुपए नगद, 4 मोबाइल फोन, मोटर साइकल बरामद की है.

पुलिस को पूछताछ में यह जानकारी लगी है कि लुटेरी दुल्हन ने अपने गिरोह के साथ मिलकर जबलपुर, धौलपुर, कोटा, जयपुर, सागर, दमोह में भी इस तरह से लोगों को ठगी का शिकार बनाया है, अधिकतर लोगों ने बदनामी के डर से पुलिस में शिकायत नहीं की, जिसका फायदा उठाकर गिरोह इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा था.

पीडि़त दशरथ पटैल का चाया जागेश्वर पटैल गढ़ा की एक होटल में काम करता है, जहां पर ठग अमरसिंह आता जाता था, जागेश्वर ने अमर से अपने भतीजे दशरथ  की शादी की बात की, जिसपर अमर ने अपने ठगी के जाल में जागेश्वर को ठगी के जाल में फंसाकर रेनू की फोटो वाट्सएप पर भेज दी, दशरथ को भी रेनू पसंद आ गई और शादी पक्की हो गई. पहले शादी ग्वारीघाट के मंदिर में होना थी. इसके बाद रेनू व उसके गिरोह ने प्लानिंग की थी कि शादी ग्वारीघाट के बजाय कोर्ट परिसर स्थित मंदिर में करेगें.

बताया गया है कि तय समय के अनुसार दशरथ पटेल अपने चाचा जागेश्वर, चाची सुनीता सहित अन्य रिश्तेदारों के साथ पहुंचा था, वहीं दुल्हन अपने गिरोह के साथियों को लेकर आई थी, बातचीत के बाद रेनू एक महिला वकील से भी मिली, महिला वकील ने ही स्टाम्प व नोटरी के एवज में 6 हजार रुपए लिए थे, इसके अलावा दुल्हन बनी रेनू को 25 हजार रुपए का मंगलसूत्र, 10 हजार के दूसरे जेवर, अमर को 35 हजार रुपए दिए थे, इसके बाद महिला वकील ने ही कोर्ट की बजाय दोनों की शादी अनुबंा पर शिव मंदिर के सामने करा दी.

दुल्हन के भागने के बाद ही दुल्हा दशरथ पटेल व उनके परिजनों ने लुटेरी दुल्हन की फर्जी मौसी अर्चना अर्चना राजपूत उर्फ अर्चना बर्मन को पकड़ा, शोर होने पर अधिवक्तागण भी पहुंच गए थे, इसके बाद महिला को ओमती पुलिस के हवाले किया गया , पूछताछ के बाद पुलिस ने लुटेरी दुल्हन रेनू राजपूत उर्फ उर्मिला अहिरवार को भी हिरासत में ले लिया. देर रात उसके प्रेमी भागचंद कोरी को भी गिरफ्तार कर लिया, फरार आरोपी अमर सिंह को तड़के पुलिस ने दबोचा.

पुलिस को पूछताछ में यह जानकारी मिली है कि दो जनवरी को भी लुटेरी दुल्हन ने अपने गिरोह के साथ मिलकर जबलपुर में ही एक युवक को शिकार बनाकर 15 हजार रुपए की ठगी की थी, समाज में बदनामी होने के डर से युवक ने थाना मेें शिकायत नहीं की. आरोपियों के मोबाइल फोन में और भी युवकों के फोटो मिले है, जिन्हे गिरोह ने ठगी का शिकार बनाया है.

पुलिस ने बरामद किए गए दस्तावेज देखे तो पता चला कि शादी की नोटरी में भी रेनू राजपूत उर्फ उर्मिला अहिरवार ने अपना पता भानतलैया दमोहनाका लिखवाया था, जबकि वह धनवतंरी नगर में रहती है, पुलिस इस मामले में भी प्रकरण दर्ज करने की तैयारी में है.